संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आज अंतिम दिन रहा, लेकिन कार्यवाही की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई। लोकसभा की बैठक शुरू होते ही विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। पहले चरण के समापन के बाद अब बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा, जिसमें लंबित विधायी कार्य और बजट से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।
सदन के भीतर जारी इस गतिरोध के बीच सियासी बयानबाज़ी भी तेज रही। संजय जायसवाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने की बात कही गई थी, लेकिन उसके बाद कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया। जायसवाल ने मांग की कि या तो लगाए गए आरोपों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
संसद के अंदर और बाहर जारी इस बयानबाज़ी के बीच राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। बजट सत्र के दूसरे चरण में इन मुद्दों के फिर से उठने की संभावना जताई जा रही है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।