संसद में घमासान: लोकसभा 9 मार्च तक स्थगित, राहुल गांधी पर ‘देश के बंटवारे’ की साजिश का आरोप

New Delhi: बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन संसद में भारी हंगामे और तीखी बयानबाजी की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग और सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी पर लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। हंगामे को देखते हुए लोकसभा को 23 दिनों के अवकाश के बाद 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
निशिकांत दुबे का विस्फोटक आरोप: ‘सत्ता के लिए बंटवारा चाहते हैं राहुल’
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि राहुल गांधी सत्ता पाने के लिए ‘देश के बंटवारे’ की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी को ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का सरगना और सोरोस व फोर्ड फाउंडेशन जैसे संगठनों से जुड़ा बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष से बहस की अनुमति मांगी है। दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ एक ‘सब्सटेंसिव मोशन’ (सारवान प्रस्ताव) पेश किया है, जिसमें उन्होंने राहुल की संसद सदस्यता खत्म करने और उनके चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
सरकार का रुख: किरेन रिजिजू और गिरिराज सिंह के प्रहार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने बजट भाषण के दौरान नियमों का उल्लंघन किया और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि सरकार खुद राहुल के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाली थी, लेकिन अब निशिकांत दुबे के निजी प्रस्ताव के बाद भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। इसे प्रिविलेज कमेटी या एथिक्स कमेटी को भेजा जा सकता है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे किसानों के नाम पर देश में भ्रम फैला रहे हैं और गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी।
विपक्ष का पलटवार: हरदीप पुरी और नीतीश-मोदी के इस्तीफे की मांग
हंगामे की शुरुआत विपक्ष के नारेबाजी से हुई। विपक्षी सांसद वेल में आकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करने लगे। इसके अलावा, संसद परिसर में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसदों ने भी जोरदार प्रदर्शन किया।
RJD सांसदों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाई। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
  • बिहार में SC, ST, OBC और EBC के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाकर 65% किया जाए।
  • इस आरक्षण नीति को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए ताकि इसे कानूनी सुरक्षा मिल सके।
  • जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केंद्र का घेराव।
9 मार्च से शुरू होगा दूसरा चरण
शुक्रवार को हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और मात्र 5 मिनट की कार्यवाही के बाद सदन को स्थगित करना पड़ा। अब संसद का बजट सत्र दो चरणों के अंतराल के बाद 9 मार्च को दोबारा शुरू होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा। ब्रेक के दौरान संसद की स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर विचार करेंगी।
निष्कर्ष: बजट सत्र का यह चरण पूरी तरह से राजनीतिक खींचतान और व्यक्तिगत हमलों के नाम रहा। जहां विपक्ष भ्रष्टाचार और आरक्षण के मुद्दे पर आक्रामक है, वहीं सत्ता पक्ष राहुल गांधी की घेराबंदी कर उन्हें ‘राष्ट्रविरोधी’ विमर्श का हिस्सा साबित करने में जुटा है।