InterGlobe Aviation Q3 Results : बीता महीना हवाई यात्रियों के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा। कई यात्रियों को फ्लाइट रद्द होने, लंबा इंतजार और एयरपोर्ट पर अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अगर आपने हाल ही में इंडिगो से यात्रा की है, तो यह अनुभव आपके लिए नया नहीं होगा। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि यह अफरा-तफरी सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। दिसंबर तिमाही के नतीजों में कंपनी को बड़ा वित्तीय झटका लगा है।
मुनाफे में रिकॉर्ड गिरावट
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन द्वारा जारी किए गए तिमाही आंकड़े काफी हैरान करने वाले हैं। पिछले साल इसी तिमाही में जहां कंपनी ने 2,449 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था, वहीं इस बार यह घटकर केवल 550 करोड़ रुपये रह गया। यानी मुनाफे में करीब 78 फीसदी की भारी गिरावट आई है। कंपनी ने इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए हैं, जिन्होंने उसकी वित्तीय स्थिति पर सीधा असर डाला।
तीन बड़े कारण जिन्होंने बढ़ाई मुश्किलें
कंपनी के अनुसार, पहला बड़ा झटका नए श्रम कानूनों के लागू होने से लगा, जिससे लगभग 969 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया। दूसरा कारण दिसंबर की शुरुआत में आया ऑपरेशनल संकट रहा, जब बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और इससे करीब 577 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। तीसरा कारण रुपये और डॉलर के बीच उतार-चढ़ाव रहा, जिसने भी कंपनी की लागत और मुनाफे पर नकारात्मक असर डाला।
कमाई बढ़ी, लेकिन मुनाफा दबाव में
हालांकि मुनाफा तेजी से गिरा है, लेकिन इंडिगो की कुल कमाई यानी रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में करीब 6 फीसदी बढ़ा है। अगर श्रम कानूनों और ऑपरेशनल समस्याओं का अतिरिक्त बोझ नहीं होता, तो कंपनी का मुनाफा 3,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकता था। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी की बुनियादी कमाई की क्षमता अब भी मजबूत बनी हुई है।
यात्रियों की संख्या में इजाफा, यील्ड में हल्की गिरावट
दिलचस्प बात यह है कि तमाम शिकायतों और फ्लाइट रद्द होने की घटनाओं के बावजूद यात्रियों की संख्या में गिरावट नहीं आई। इस तिमाही में करीब 3.19 करोड़ यात्रियों ने इंडिगो से सफर किया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 2.8 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, हर सीट से होने वाली औसत कमाई यानी यील्ड में थोड़ी गिरावट जरूर देखने को मिली है।
दिसंबर की शुरुआत में पैदा हुई अव्यवस्था पर इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने माना कि ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने 245 बिलियन रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है, जो इंडिगो की मजबूत बाजार स्थिति को दर्शाता है। एल्बर्स का कहना है कि कंपनी अपने नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है और आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सेवा और ज्यादा भरोसेमंद अनुभव देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।