इंदौर में बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी को दूध बिस्किट के मामले में बड़ा झटका लगा है। कंपनी के 10 रुपये के बिस्किट पैकेट में वजन 13 ग्राम कम पाया गया है। नापतौल विभाग ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए विक्रेता, निर्माता और अन्य संबंधित पक्षों पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला तब सामने आया जब जागरुक उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष मुकेश अमोलिया के पास एक ग्राहक शिवानी ने शिकायत दर्ज कराई। शिवानी ने बताया कि पतंजलि के दूध बिस्किट के पैकेट पर 70 ग्राम वजन लिखा था, लेकिन असल में वजन कम लग रहा था। इसके बाद यह शिकायत नापतौल विभाग में रजिस्टर्ड कराई गई।
जांच में सामने आई सच्चाई
उप नियंत्रक नापतौल विभाग संजय पाटणकर ने शिकायत की जांच कराई। जांच में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई और बिस्किट का वजन वास्तव में कम निकला। नापतौल निरीक्षक केएस चौधरी ने विस्तार से बताया कि पतंजलि के दूध बिस्किट के 10 रुपये के पैकेट पर 70 ग्राम वजन अंकित था।
शिकायत के बाद सभी पक्षकारों को नोटिस देकर बुलाया गया। जब बिस्किट का वजन जांचा गया तो यह मात्र 57 ग्राम के आसपास निकला। नियमों के अनुसार चार ग्राम तक कम या ज्यादा हो सकता है, लेकिन इस मामले में वजन 13 ग्राम कम था। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन था।
सभी पक्षकारों पर लगा जुर्माना
नापतौल विभाग के नियमों के मुताबिक इस मामले में विक्रेता, निर्माता और अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए। विभाग ने कुल 55 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। नियमों के तहत राजीनामा का प्रावधान भी है, जिसमें राशि जमा करके मामला निपटाया जा सकता है।
कुछ पक्षकारों ने अपनी राशि जमा कर दी है, जबकि बाकी की राशि अभी जमा होनी बाकी है। विभाग ने सभी पक्षों को निर्धारित समय में जुर्माना भरने का निर्देश दिया है।
ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह
नापतौल निरीक्षक केआर चौधरी ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि हर स्टोर पर डिजिटल वेट मशीन उपलब्ध होती है। यदि किसी उत्पाद के वजन को लेकर कोई शंका हो तो वहीं पर वजन चेक किया जा सकता है।
चौधरी ने कहा कि ऐसे मामलों में नापतौल विभाग में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। विभाग हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाता है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब पतंजलि की कंपनी पर इंदौर में कार्रवाई हुई हो। अप्रैल 2024 में भी नापतौल विभाग ने पतंजलि के खिलाफ कार्रवाई की थी। तब महेंद्र जाट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पतंजलि की बिस्किट के 800 ग्राम के पैकेट का वजन केवल 746.70 ग्राम निकला था।
उस मामले में वजन 53 ग्राम कम था और यह पैकेट 125 रुपये में खरीदा गया था। तब विक्रेता डी मार्ट पर 20 हजार रुपये और पतंजलि कंपनी पर 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। यह घटना बताती है कि वजन में गड़बड़ी की शिकायतें बार-बार सामने आ रही हैं।
नापतौल विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए विभाग हमेशा तत्पर रहता है। किसी भी तरह की धोखाधड़ी या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।