Paytm ने भारत सरकार के ‘विकसित भारत’ दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए एसबीआई म्यूचुअल फंड के साथ मिलकर ₹250 का जननिवेश एसआईपी (सिस्टमेटिक इंस्ट्रमेंट प्लान) शुरू किया है। इस पहल के तहत, भारतीय नागरिक अब सिर्फ ₹250 से अपनी निवेश यात्रा शुरू कर सकते हैं, जिससे वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह विशेष रूप से उन युवा पेशेवरों और पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों के लिए है, जो किफायती निवेश विकल्पों की तलाश में हैं।
विभिन्न निवेश विकल्प उपलब्ध
यह पहल उपयोगकर्ताओं को विभिन्न प्रकार के एसआईपी विकल्प (दैनिक, साप्ताहिक, या मासिक) प्रदान करती है, ताकि वे अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुसार निवेश कर सकें। इसका उद्देश्य निवेश की प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाना है, जिससे अधिक लोग अपने भविष्य के लिए पैसे बचाने और निवेश करने में सक्षम हो सकें।
मर्चेंट पार्टनर्स को दी जाएगी वित्तीय सशक्तिकरण
पेटीएम का उद्देश्य अपने मर्चेंट पार्टनर्स को पहला निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय के लिए दीर्घकालिक संपत्ति बना सकें। यह कदम उनके वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत में निवेश परिदृश्य में बदलाव की योजना
पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने कहा कि पेटीएम की यह पहल भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। उनका मानना है कि इस पहल से लाखों भारतीयों को निवेश की प्रक्रिया शुरू करने का अवसर मिलेगा और वे देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान कर सकेंगे।
एसबीआई म्यूचुअल फंड का समर्थन
एसबीआई म्यूचुअल फंड के डीएमडी और संयुक्त सीईओ, डी.पी. सिंह ने इस साझेदारी को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि इस एसआईपी के माध्यम से भारतीय नागरिकों को अपने भविष्य में निवेश करने के लिए एक आसान और लचीला विकल्प मिलेगा।
कैसे सेट करें जननिवेश ₹250 एसआईपी
पेटीएम ऐप पर जाकर उपयोगकर्ता जननिवेश एसआईपी के तहत अपने निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। उन्हें केवल ₹250 से निवेश शुरू करना होगा और विभिन्न आवृत्तियों (दैनिक, साप्ताहिक, मासिक) में से एक चुनकर निवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह प्रणाली स्वचालित रूप से हर आवृत्ति के आधार पर निवेश को प्रक्रिया में लाएगी।
इस पहल के साथ पेटीएम का लक्ष्य निवेश के क्षेत्र में भी वही नवाचार लाना है, जैसा कि उसने क्यूआर कोड भुगतान और मोबाइल भुगतान के क्षेत्र में किया था। यह कदम भारत सरकार के आर्थिक दृष्टिकोण को साकार करने में मदद करेगा और नागरिकों को वित्तीय स्वतंत्रता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देगा।