Kerala News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया केरल दौरे ने राज्य के सियासी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। तिरुवनंतपुरम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी के मुख से निकले एक वाक्य ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को चौंका दिया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्थानीय नेता वी.वी. राजेश को ‘मेरा पुराना दोस्त’ कहकर संबोधित किया। राजनीति में अक्सर छोटे इशारों के बड़े मायने निकाले जाते हैं और पीएम मोदी का यह अंदाज अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।
एयरपोर्ट पर नदारद, मंच पर खास जगह
शुक्रवार को जब प्रधानमंत्री तिरुवनंतपुरम पहुंचे, तो प्रोटोकॉल के मुताबिक मेयर वी.वी. राजेश को एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए मौजूद रहना था। उनकी गैर-मौजूदगी ने तुरंत ही राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी।
हालाकि, बाद में स्थिति स्पष्ट हुई कि राजेश को प्रधानमंत्री के दो प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंच पर विशेष स्थान दिया गया था। इसी व्यस्तता के चलते वे एयरपोर्ट की रिसेप्शन टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे।
‘तिरुवनंतपुरम की शान’
असली खबर तब बनी जब पीएम मोदी ने मंच से भाषण देना शुरू किया। उन्होंने वी.वी. राजेश का जिक्र करते हुए उन्हें न केवल ‘तिरुवनंतपुरम की शान’ बताया, बल्कि ‘मेरे पुराने दोस्त’ जैसे आत्मीय शब्दों का भी प्रयोग किया।
प्रधानमंत्री के मुंह से यह सुनते ही पंडाल में मौजूद बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक उत्साह से भर गए। राजनीतिक विश्लेषक इसे केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि राजेश के लंबे संघर्ष और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा के सम्मान के तौर पर देख रहे हैं।
कौन हैं वी.वी. राजेश?
वी.वी. राजेश बीजेपी के उन नेताओं में शुमार हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर से अपनी पहचान बनाई है। वे पूर्व में बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और तिरुवनंतपुरम जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
सूत्रो के मुताबिक, मेयर पद पर उनकी जीत को ऐतिहासिक माना जाता है, क्योंकि इसके जरिए केरल में पहली बार बीजेपी को यह महत्वपूर्ण पद हासिल हुआ था। यह जीत निगम में पार्टी की बड़ी सफलता मानी जाती है।
बड़े नेताओं पर भारी पड़ा जमीनी कार्यकर्ता
इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि मंच पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी मौजूद थे। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इन दिग्गज नेताओं का नाम नहीं लिया।
जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी ने राजेश पर विशेष फोकस रखकर पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन में जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं की अहमियत सर्वोपरि है।
विदाई में भी दिखी आत्मीयता
कार्यक्रम के समापन के बाद भी पीएम मोदी और वी.वी. राजेश के बीच की केमिस्ट्री ने सबका ध्यान खींचा। मंच से नीचे उतरते वक्त प्रधानमंत्री ने राजेश के कंधे पर हाथ रखा और कुछ कदम साथ चलते हुए गुफ्तगू की।
यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और अब Social Media पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस व्यवहार से साफ है कि बीजेपी केरल में अपने ग्रासरूट कनेक्ट और स्थानीय निकाय स्तर की जीतों को भविष्य की राजनीति के लिए कितनी गंभीरता से ले रही है।