महाकाल मंदिर में मिलने वाले ‘रागी लड्डू’ के मुरीद हुए PM मोदी, बोले – व्यवस्थापकों का अभिनंदन करता हूं..

Ujjain News : उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को वितरित किए जा रहे रागी (श्रीअन्न) के लड्डुओं की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस पहल की विशेष रूप से सराहना की।
प्रधानमंत्री ने मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रसाद में मिलेट्स (मोटा अनाज) को शामिल करने के निर्णय को क्रांतिकारी बताया और इसके लिए व्यवस्थापकों का अभिनंदन किया। महाकालेश्वर मंदिर में यह व्यवस्था करीब तीन महीने पहले शुरू की गई थी।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
25 जनवरी को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विभिन्न मंदिरों में हो रहे बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाजरे और रागी जैसे श्रीअन्न से तैयार प्रसाद की बाजार में भारी मांग है।

“मुझे यह जानकर बेहद खुशी होती है कि आजकल कई मंदिर अपने प्रसाद में मिलेट्स का उपयोग कर रहे हैं। महाकालेश्वर मंदिर में रागी से लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। मैं इस पहल के लिए मंदिर के सभी व्यवस्थापकों का हृदय से अभिनंदन करता हूं।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

तीन महीने में 1.5 करोड़ रुपये के लड्डू बिके
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने इस सफलता के आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप 18 अक्टूबर (दीपावली) से मंदिर में रागी के लड्डू प्रसाद की शुरुआत की गई थी।

महज तीन महीनों के भीतर ही श्रद्धालुओं ने इन लड्डुओं को हाथों-हाथ लिया है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के करीब 350 क्विंटल रागी के लड्डू बेचे जा चुके हैं।
शुद्धता और स्वाद का संगम
मंदिर समिति इन पौष्टिक लड्डुओं को 400 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध करा रही है। इन लड्डुओं को तैयार करने में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसमें रागी के साथ-साथ गुड़, शुद्ध देसी घी और भरपूर सूखे मेवों का उपयोग किया जाता है। चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल इसे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भक्तों के लिए पहली पसंद बना रहा है।
सेहत के लिए क्यों खास है रागी?
विशेषज्ञों के अनुसार रागी पोषक तत्वों का खजाना है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए अनिवार्य है। इसमें मौजूद आयरन एनीमिया जैसी बीमारियों से लड़ने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा रागी के लड्डू ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में भी सहायक होते हैं।
इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने और बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में प्रभावी हैं। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि इस प्रसाद के सेवन से भक्तों को ऊर्जा मिलती है और शरीर सक्रिय रहता है।
उज्जैन में श्रीअन्न को बढ़ावा देने की यह मुहिम अब एक मॉडल के रूप में उभर रही है। प्रधानमंत्री की सराहना के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि देश के अन्य बड़े धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह के पौष्टिक प्रसाद की शुरुआत हो सकती है।