PM मोदी का आज रात 8:30 बजे ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’: 131वां संशोधन बिल गिरने के बाद सस्पेंस गहराया, क्या परिसीमन पर होगी बड़ी घोषणा?

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। अचानक तय हुए इस संबोधन के विषयों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि पीएम ‘महिला आरक्षण’ और ‘परिसीमन’ जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रख सकते हैं। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब मात्र 24 घंटे पहले सरकार को लोकसभा में एक बड़े विधायी झटके का सामना करना पड़ा है।

12 साल में पहली बार बिल गिरने के बाद संबोधन

शुक्रवार को मोदी सरकार अपने 12 साल के कार्यकाल में पहली बार सदन में कोई सरकारी बिल पास कराने में नाकाम रही। सरकार लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक’ लाई थी, लेकिन विपक्ष की एकजुटता के कारण यह बिल दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका और 54 वोटों के अंतर से गिर गया।

ऐतिहासिक संदर्भ: जब-जब PM रात 8 बजे आए

पीएम मोदी के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ हमेशा से बड़े और चौंकाने वाले फैसलों के गवाह रहे हैं। इतिहास पर नजर डालें तो:

  • नोटबंदी (2016): 500 और 1000 के नोट बंद करने का फैसला।

  • अनुच्छेद 370 (2019): जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे पर संबोधन।

  • कोरोना काल (2020): जनता कर्फ्यू और दुनिया के सबसे बड़े लॉकडाउन की घोषणा।

  • आत्मनिर्भर भारत (2020): 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान।

विधेयक गिरने का क्या होगा असर?

इस बिल के गिरने का सीधा असर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) पर पड़ेगा। नियमानुसार, महिला आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन अनिवार्य है। अब चूंकि सीटों की संख्या बढ़ाने वाला बिल गिर गया है और नई जनगणना के आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ 2029 के लोकसभा चुनाव में मिलना नामुमकिन दिख रहा है। अब यह प्रक्रिया 2034 तक खिंच सकती है।

संसद में 24 साल बाद बनी ऐसी स्थिति

यह भारतीय संसदीय लोकतंत्र के लिए भी एक बड़ा मोड़ है। साल 2002 में ‘पोटा’ (POTA) के बाद यह पहला मौका है जब कोई सरकारी बिल सदन में पराजित हुआ है। वहीं, 1990 के बाद यह पहली बार है जब कोई ‘संविधान संशोधन विधेयक’ लोकसभा में गिरा है।

आज के संबोधन से क्या हैं उम्मीदें?

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री बिल गिरने के कारणों, महिला आरक्षण में आ रही देरी और भविष्य की रणनीति पर देश को भरोसे में ले सकते हैं। सरकार ने ‘परिसीमन संशोधन बिल 2026’ और ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026’ पर वोटिंग टाल दी थी, संभव है कि पीएम इन विषयों पर सरकार का अगला रुख स्पष्ट करें। पूरे देश की नजरें अब रात 8:30 बजे के संबोधन पर टिकी हैं।