दिल्ली और आसपास के इलाकों में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने एक बार फिर ग्रैप (GRAP) के स्टेज-3 को लागू कर दिया है। CAQM के अनुसार, 15 जनवरी को शाम 4 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 343 दर्ज किया गया था, जो 16 जनवरी को इसी समय बढ़कर 354 तक पहुंच गया। यह स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।
AQI के और बिगड़ने की आशंका
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में मौसम की परिस्थितियां प्रदूषण के अनुकूल नहीं हैं। हवा की रफ्तार धीमी रहने, वातावरण में स्थिरता, खराब मौसमीय पैरामीटर और प्रदूषकों के सही तरीके से फैलाव न हो पाने के कारण AQI के 400 के पार जाने की आशंका जताई गई है। अगर ऐसा होता है तो हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच सकती है, जिससे आम लोगों की सेहत पर और अधिक असर पड़ेगा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए CAQM का कदम
हवा की गुणवत्ता के मौजूदा रुझान और IMD के पूर्वानुमानों को ध्यान में रखते हुए, CAQM की उप-समिति ने एहतियाती कदम के तौर पर पूरे NCR में GRAP स्टेज-3 लागू करने का फैसला किया है। इससे पहले स्टेज-1 और स्टेज-2 के उपाय लागू किए गए थे, लेकिन उनसे अपेक्षित सुधार नहीं होने और हालात लगातार बिगड़ने के कारण अब सख्त पाबंदियों की जरूरत महसूस की गई।
प्रदूषण कम करने के लिए सख्त निर्देश
CAQM ने NCR प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे हवा की गुणवत्ता को और अधिक खराब होने से रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय तुरंत और सख्ती से लागू करें। इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करना और लोगों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से बचाना है।
GRAP-3 के तहत लगाए गए मुख्य प्रतिबंध
GRAP स्टेज-3 के तहत गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसमें इमारतों को तोड़ने से जुड़ी गतिविधियां जैसे मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, ट्रेंचिंग और खुले में रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट का संचालन शामिल है। इसके अलावा, दिल्ली और NCR जिलों में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल से चलने वाले चार पहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
परिवहन और बसों पर असर
कच्ची सड़कों पर रेत, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के परिवहन पर भी रोक रहेगी। साथ ही, दिल्ली में अंतर-राज्यीय डीजल बसों के प्रवेश और संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
कुल मिलाकर, CAQM का यह कदम दिल्ली–NCR में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को नियंत्रित करने और लोगों को गंभीर प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाने की दिशा में एक जरूरी और सख्त प्रयास माना जा रहा है।