मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने शुक्रवार को संसद में एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 मार्च को होने वाले मॉरीशस के नेशनल डे समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह घोषणा भारत और मॉरीशस के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। पीएम रामगुलाम ने इसे अपने देश के लिए बड़ा सम्मान बताते हुए कहा कि पीएम मोदी का यह दौरा दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने संसद में यह भी बताया कि पीएम मोदी को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था और उनके द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के इस यात्रा के फैसले को उनकी व्यस्तता के बावजूद विशेष महत्व दिया, क्योंकि हाल ही में पीएम मोदी ने फ्रांस और अमेरिका की यात्रा भी की थी।
भारत-मॉरीशस के ऐतिहासिक और सामरिक संबंध
भारत और मॉरीशस के संबंध सदियों पुराने हैं। मॉरीशस में भारतीय मूल के नागरिकों की बड़ी संख्या है, और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक, और रणनीतिक साझेदारी काफी मजबूत रही है। भारत ने हमेशा मॉरीशस के विकास में योगदान दिया है, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में। पीएम मोदी की आगामी यात्रा से व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों को और बढ़ावा मिल सकता है।
भारत-मॉरीशस सहयोग में निरंतर वृद्धि
भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने मॉरीशस के कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में मदद की है, जैसे स्मार्ट सिटी परियोजना और मेट्रो एक्सप्रेस सेवा। इसके अलावा, भारत मॉरीशस को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ कई विकासात्मक परियोजनाओं में निवेश भी करता रहा है। इस यात्रा के दौरान इन क्षेत्रों में और भी गहरे सहयोग की संभावना जताई जा रही है।