राजेश राठौर
EXCLUSIVE
स्वतंत्र समय, इंदौर
जिला प्रशासन ने तय किया है कि यदि आपने अवैध कालोनी में या गलत जगह पर प्लॉट ( Property ) खरीद लिया है, तो उसकी सुनवाई नहीं होगी। इंदौर के नटवरलाल कॉलोनाइजरों ने इस तरीके से आम आदमी को लूटा खसोटा है अब तो उनको भगवान भी बचाने वाला नहीं है। जिला प्रशासन का साफ कहना है कि लोग लालच में आकर चाहे जहां प्लाट खरीद लेते हें बाद में हमको शिकायत करते हैं, लोग जिनकी शिकायत करते हैं उनके खिलाफ दस्तावेज भी नहीं मिलते।
गलत कालोनी में Property खरीदेंगे उनकी सुनवाई नहीं होगी
हर मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के सामने कम से कम पचास लोग शिकायत लेकर आते हैं कि उनके साथ कॉलोनाइजर ने गलत कर दिया। हमने प्लॉट ( Property ) के पैसे जमा करवाये थे लेकिन बाद में हमी को प्लॉट देने से मना कर दिया। कुछ शिकायतें ऐसी भी आती है कि पैसा पूरा ले लिया, रजिस्ट्री नहीं कर रहे हैं। चमचमाते हुए ब्रोशर छपवाकर प्लॉट फ्लेट, दुकान, रो-हाउस और फार्म हाउस लोगों को बेचे जाते हैं लेकिन मौके पर कोई डेवलपमेंट नहीं करते। अब जो लोग फंस जाते हैं वो हर मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत करने चले जाते हैं।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर देते हैं जन सुनवाई में आदेश होता है कि कॉलोनाईजर के खिलाफ कार्रवाई करो। अब कॉलोनाइजर अपने हाथ बचाकर फर्जी प्रापर्टी बेचता है, या तो वह अपने ड्रायवर, चपरासी, या किसी नौकर के नाम पर कॉलोनी काट देता है। खुद का नाम कहीं नहीं होता। अफसर भी नोटिस जारी कर देते हैं, कॉलोनाईजर एक वकील खड़ा कर देता है। जो तारीख पर तारीख लेता रहता है। इस तरह से कलेक्टर दफ्तर के चक्कर लगा-लगाकर शिकायतकर्ता की कमर टूट जाती है। अब अफसर भी कहते हैं कि जो गलत प्रापर्टी खरीदते हैं वो खुद फर्जी शिकायतकर्ता हैं भले ही वो असली शिकायतकर्ता हैं। लेकिन कॉलोनाइजर के खिलाफ उनके विरूद्ध कोई दस्तावेज नहीं होते। हाउसिंग सोसायटी की कालोनियों में तो जिन्होंने पूरे पैसे जमा कर दिए उनको भी प्लाट नहीं मिल रहे। इंदौर में पुलिस और प्रशासन के पास रोजाना जमीन के मामलों की शिकायतें इतनी ज्यादा आती हैं कि इस काम को निपटाने के लिए एक अलग ही विभाग बनाना पड़े। हम अभी भी लोगों को जनहित में आग्रह करते हैं कि यदि आपने कहीं गलत प्रापर्टी खरीद ली है तो उसका निपटारा करा लें। नहीं तो कॉलोनाईजर और भू-माफिया आपके मरने तक भी आपके दर्द को नहीं पहचानेगा। आपका प्लॉट खाकर मानेगा। इंदौर में आई मंदी का कारण नटवारलाल कॉलोनाइजर ही हैं। जिनके पास भी गलत सम्पत्ति है, वो तत्काल सक्रिय हो जाएं नहीं तो बाद में पछतावे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा।