क्या गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को अमलीजामा पहनाएगा PWD

रामानंद तिवारी, भोपाल

लोक निर्माण विभाग ( PWD ) के इंजीनियरों की कार्य प्रणाली पर अक्सर जन प्रतिनिधि सवालिया निशान उठाते रहते हैं। विभाग भी एतिहातन निरीक्षण-परीक्षण की रस्मअदायगी बदस्तूर करता रहता है। लेकिन नतीजा सिफर दिखता है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यो को गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करवाएं। यदि कोई गुणवत्ता से समझौता करता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने 750 करोड़ रुपए के एक कार्य को रोक दिया। उस राशि से बहुतेरे निर्माण कार्य किए जाने के निर्देश भी अफसरों को दिए।

PWD में अफसरों के बीच रार

लोक निर्माण विभाग ( PWD ) विभाग में इंजीनियर इन चीफ से लेकर चीफ इंजीनियर एवं कार्यपालन यंत्रियों के अलावा फील्ड में पदस्थ इंजीनियरों के बीच गुणवत्ता को लेकर खींचतान मची हुई है। साहब यदि कहीं सुनियोजित योजना के तहत निरीक्षण पर जाते हैं तो निरीक्षण-परीक्षण के खेल में अफसर अपना खेला करने में कोताही नहीं बरतते।

एसीएस मंडलोई ने विभाग को विजनरी बनाया

लोक निर्माण विभाग में नीरज मंडलोई ने अतिरिक्त प्रभार के रूप में इस विभाग को नहीं संभाला बल्कि यू कहा जाए कि अतिरिक्त प्रभार होते हुए भी निर्माण विभाग को विजनरी बना दिया गया है और यह चौंकाने वाला वाक्या है कि मप्र में जहां ठेकेदारों के भुगतान को लेकर हाहाकार मचा हुआ था वहां पर अब प्रतिमाह 8०० करोड़ के विकास के काम होंगे और ठेकेदारों के लंबित बिलों को पूरी तरह भुगतान करने योग्य बना दिया गया है।

निर्माण कार्यों के कुल कार्यो की संख्या 877

प्रदेश में होने वाले निर्माण कार्यो में 15 से 100 करोड़ के कुल 778 कार्य होने है, जिनकी लागत 32 हजार 924 करोड़ है। वहीं 100 करोड़ से अधिक लागत वाले कार्यो की संख्या 99 है, जिनमें से 28 हजार 903 करोड़ का खर्च होगा। 15 से 100 करोड़ की लागत से होने वाले निर्माण कार्यो में सबसे ज्यादा लागत वाला कार्य पीडब्ल्यूडी भवन का 12 हजार 889 करोड़ का है और सबसे कम लागत वाले कार्य की राषि 133 हजार करोड़ है। जिसकी जिम्मेदारी लोनिवि एन.एच के पास है। वहीं 100 करोड़ से अधिक लागत वाले कार्यो में सबसे ज्यादा राशि वाला कार्य म.प्र.सडक़ विकास निगम का है जिसके लिए 11 हजार 665 करोड़ स्वीकृत हुए है और सबसे कम राशि वाला कार्य म.प्र.भवन विकास निगम का है जिसकी लागत 17 हजार 92 करोड़ है।

हरियाणा और गुजरात की तर्ज पर होंगी सड़कें गड्ढे मुक्त

हरियाणा,गुजरात की तर्ज पर मप्र में लोक निर्माण की सडक़ों को पूरी तरह गड्ढे मुक्त बनाने के अभियान पर नई तकनीक जेड पेचर तथा इंफ्रारेड द्वारा तेजी से काम किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग में प्रतिमाह लगभग 8 हजार करोड़ के विकास कार्य,विकास की योजनाएं एवं स्थापना पर व्यय एक चौकाने वाला वाक्या बन गया है ऐसा माना जाए तो चौंकिएगा मत।

61 हजार 827 करोड़ के होंगे निर्माण कार्य

विभाग के इंजीनियरों की कार्य प्रणाली कैसी भी हो लेकिन पीडब्ल्यूडी के प्रभारी अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई का विकास कार्यो को लेकर मुख्यमुत्री डॅा. मोहन यादव की मंशानुसार स्पष्ट विजन दिख रहा है। क्यों कि प्रदेश में 2025-26 में विभाग 61 हजार ़ 827 करोड़ के निर्माण कार्य विभाग करवायेगा। सरकार द्वारा 15 से 100 करोड़ एवं 100 करोड़ से अधिक लागत के कार्यो को स्वीकृत किया जा चुका है, इन कार्यो में वर्तमान में चल रहे कार्य भी शामिल है।