दूषित जल के लिए सरकार जिम्मेदार… बोले राहुल गांधी : भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से की मुलाकात,1 लाख रूपये का चेक दिया

Indore News : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारी के बाद सियासत गरमा गई है। शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इंदौर पहुंचे। उन्होंने इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
अस्पताल में मरीजों का हाल जाना
राहुल गांधी सुबह करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल के लिए रवाना हुए। अस्पताल में उन्होंने दूषित पानी के कारण भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। राहुल ने डॉक्टरों से मरीजों के स्वास्थ्य अपडेट लिए और गंभीर रूप से बीमार लोगों के परिवारों को ढांढस बंधाया।
भागीरथपुरा में भावुक मुलाकात और सहायता
अस्पताल के बाद राहुल गांधी प्रभावित क्षेत्र भागीरथपुरा पहुंचे। वहां उन्होंने उन परिवारों से बात की जिन्होंने इस त्रासदी में अपने सदस्यों को खो दिया है। राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों को 1 लाख रुपये का चेक सौंपा और कहा कि संकट की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है।

इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राहुल गांधी जी की मौजूदगी में गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने तीखे लहजे में कहा: “यह पूरी तरह से सरकार की लापरवाही का नतीजा है। कोई न कोई तो इसके लिए जिम्मेदार होगा। जनता को स्वच्छ पानी देना सरकार का बुनियादी कर्तव्य है, जिसमें वह विफल रही है। सरकार को इस त्रासदी की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।”
आंकड़ों पर विवाद: प्रशासन बनाम कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस दौरान चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 से 10 मरीज अभी भी वेंटिलेटर या गंभीर स्थिति में हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन मौतों के वास्तविक आंकड़ों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
इस दौरे को मध्य प्रदेश में नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहूल गांधी भागीरथपुरा में दूषित पानी से जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों से सामूहिक तौर मिलकर उनका हाल जाना और उन्हें इस दुख की घड़ी में सहायता देने का आश्वासन भी दिया। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें सामने आ रही है।
भागीरथपुरा की इस घटना ने शहर की जल वितरण प्रणाली और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी के इस दौरे ने अब इस स्थानीय मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है, जिससे आने वाले दिनों में प्रशासन पर जवाबदेही का भारी दबाव रहेगा।