चर्चित बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को लेकर इन दिनों एक मामला सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे एक पुराने वित्तीय विवाद के चलते न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं और तिहाड़ जेल में हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे इस विषय पर सार्वजनिक रूप से चुप दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, यादव समाज से जुड़े लोग और अभिनेता सोनू सूद जैसे कुछ व्यक्तियों ने खुलकर उनके समर्थन में कदम बढ़ाया है।
बताया जाता है कि वर्ष 2010 के आसपास राजपाल यादव ने खुद की एक फिल्म बनाने का निर्णय लिया था, जिसका नाम था ‘अता पता लापता’। इस फिल्म को बनाने के लिए उन्होंने मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। जानकारी के अनुसार, फिल्म का कुल बजट लगभग 11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जिसमें असरानी जैसे अनुभवी कलाकार भी शामिल थे। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी और अपेक्षित कमाई नहीं हो पाई, जिसके कारण उधार ली गई राशि का भुगतान समय पर नहीं हो सका।
ऋण देने वाली कंपनी ने बकाया राशि को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की, जो निचली अदालत से होते हुए दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंची। पिछले वर्ष अदालत में यह सहमति बनी थी कि राजपाल यादव किस्तों में राशि चुकाएंगे, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार वे तय समयसीमा में भुगतान नहीं कर पाए। इसके बाद 2 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया। अदालत में उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कथित तौर पर कहा कि उनके पास संसाधन नहीं हैं और वे असहाय महसूस कर रहे हैं।
जैसे ही यह खबर सामने आई, कुछ सामाजिक और निजी स्तर पर सहायता के प्रयास शुरू हुए। बिहार के एक व्यवसायी राव इंद्रजीत यादव ने कथित रूप से 1 करोड़ 11 लाख रुपये की मदद की घोषणा की। राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े एक प्रमुख नेता के बेटे ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए 11 लाख रुपये सहयोग देने की बात कही। अभिनेता सोनू सूद ने भी भविष्य में किसी प्रोजेक्ट में काम के बदले एक साइनिंग अमाउंट भेजकर सहयोग किया है। इसके अतिरिक्त, भारत एक्सप्रेस मीडिया समूह के चेयरमैन उपेंद्र राय द्वारा 25 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की गई, जबकि कई अन्य लोगों ने 51 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद देने की बात कही है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि फिल्म इंडस्ट्री के कई ऐसे कलाकार, जिनके साथ राजपाल यादव ने लंबे समय तक काम किया और जिनसे उनके व्यक्तिगत संबंध भी रहे, उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यही वजह है कि सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस विषय को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि संघर्ष के दिनों के साथी आज खामोश क्यों हैं।