भागीरथपुरा में जलजनित घटना के बाद स्थिति में तेजी से सुधार, प्रत्येक नागरिक की स्वास्थ्य निगरानी

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के बाद अब स्थिति में तेजी से सुधार देखा जा रहा है। क्षेत्र का हाल जानने और कार्यों की समीक्षा करने के लिए अपर मुख्य सचिव मण्डलोई एवं राजन ने आज सुबह जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ भ्रमण किया। इस दौरे में कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल भी मौजूद थे।

स्वास्थ्य और स्वच्छता का मैदानी निरीक्षण

भ्रमण के दौरान मण्डलोई और राजन ने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी केंद्र, आंगनवाड़ी और पानी की टंकियों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित नागरिकों के उपचार, शुद्ध जल आपूर्ति और स्वच्छता कार्यों की प्रगति को देखा और अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर कार्यान्वयन करने के निर्देश दिए।

प्रत्येक नागरिक की स्वास्थ्य निगरानी

अपर मुख्य सचिवों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। प्रभावित और उपचार प्राप्त कर चुके लोगों का नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित जटिलता का समय पर उपचार किया जा सके। इसके साथ ही हर नागरिक को स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाएगा, जिसमें जांच, उपचार और फॉलो-अप का पूरा विवरण दर्ज रहेगा।

ड्रेनेज और पेयजल सुधार कार्य

भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने शुद्ध जल आपूर्ति, पाइपलाइन लीकेज, टैंकरों से वैकल्पिक जल वितरण और स्वच्छता कार्यों की समीक्षा की। ड्रेनेज सुधार कार्यों में तारा मेडिकल से टोपिलाल की दुकान तक 44 मीटर, दीपेश स्कूल के पीछे 22 मीटर और नदी किनारे 22 मीटर की ड्रेनेज लाइन डाली गई। आरसीसी मेनहोल का काम प्रगतिरत है और पेयजल की लाइन डालने का कार्य भी तेजी से जारी है।

दूषित जल से सुरक्षा और भविष्य की तैयारी

मण्डलोई और राजन ने कहा कि किसी भी स्तर पर जल की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। बोरिंग का पानी पीने के लिए इस्तेमाल नहीं होगा और पूरी व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि दूषित जल पेयजल में न मिले। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार दौरे, समन्वय और जमीनी निगरानी के कारण भागीरथपुरा की स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकना शासन-प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है।