रतलाम स्टेशन: चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसी महिला, RPF जवानों ने बचाई जान

Ratlam News : मध्य प्रदेश के रतलाम रेलवे स्टेशन पर बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही थी, तभी उसका पैर फिसल गया। वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में फंसकर घिसटने लगी। हालांकि, वहां तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा होने से रोक लिया।

जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दौड़ लगाई और महिला को सुरक्षित बाहर खींच लिया। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है।

सामान लेने उतरी थी, तभी चल दी ट्रेन

जानकारी के मुताबिक, घटना बुधवार दोपहर करीब 3.15 बजे की है। नई दिल्ली से मुंबई सेंट्रल जाने वाली स्पेशल ट्रेन (04002) प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आकर रुकी थी। महिला यात्री एस-3 कोच में सफर कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह ट्रेन रुकने पर कुछ सामान लेने के लिए कोच से नीचे उतरी थी। इसी बीच ट्रेन ने अपनी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी।

अपनी ट्रेन छूटती देख महिला घबरा गई और उसने दौड़ लगा दी। उसके आगे दौड़ रहे दो पुरुष यात्री तो चलती ट्रेन में चढ़ने में सफल रहे, लेकिन महिला जैसे ही कोच के हैंडल को पकड़कर चढ़ने लगी, उसका हाथ फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वह पायदान और प्लेटफॉर्म के बीच की संकरी जगह में लटक गई। ट्रेन की गति बढ़ने के साथ ही वह पटरियों की तरफ खिंचने लगी थी।

फरिश्ता बनकर आए जवान

प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल चंद्रकांत तिवारी, नरेंद्र राठौड़ और सब इंस्पेक्टर श्रद्धा ठाकुर की नजर जैसे ही इस घटना पर पड़ी, वे तुरंत हरकत में आ गए। हेड कॉन्स्टेबल चंद्रकांत तिवारी ने दौड़कर महिला का हाथ हैंडल से छुड़वाया। वहीं, नरेंद्र राठौड़ ने पूरी ताकत लगाकर उसे मौत के मुंह से बाहर खींच लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर चंद सेकंड की भी देरी होती, तो महिला ट्रेन के पहियों के नीचे आ सकती थी। जवानों की इस तत्परता ने एक अनमोल जान बचा ली।

ट्रेन रुकवाकर सुरक्षित चढ़ाया

मौत के मुंह से बाहर निकलने के बाद महिला काफी सहम गई थी। सब इंस्पेक्टर श्रद्धा ठाकुर ने उसे संभाला और ढांढस बंधाया। उन्होंने महिला को भविष्य में दोबारा चलती ट्रेन में न चढ़ने की हिदायत भी दी। हादसे के तुरंत बाद जवानों ने गार्ड को इशारा करके ट्रेन रुकवाई और महिला को सुरक्षित उसके कोच में चढ़ाया।

महिला अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही थी। ट्रेन का समय होने और हड़बड़ी के कारण महिला का नाम और पता नोट नहीं किया जा सका। आरपीएफ टीआई पीआर मीणा ने जवानों की इस कर्तव्यनिष्ठा और साहस की सराहना की है।