कोबो टूल से हुआ रियल-टाइम सर्वे, जमीनी हालात का त्वरित आकलन

भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने आधुनिक कोबो टूल के माध्यम से रियल-टाइम सर्वे किया। इस तकनीक से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का सटीक और तेज मूल्यांकन संभव हो पाया। भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. चंद्रशेखर गेदाम और जिला प्रशासन की मौजूदगी में स्वास्थ्य कर्मियों को कोबो टूल का प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में व्यापक सर्वे अभियान चलाया गया।

200 टीमें मैदान में, 2,700 से अधिक घरों तक पहुंच

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मार्गदर्शन में लगभग 200 टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने तय किए गए घरों में जाकर सर्वे किया। अभियान के दौरान 2,745 घरों तक पहुंच बनाई गई और करीब 14 हजार नागरिकों को स्वास्थ्य किट वितरित करते हुए आवश्यक परामर्श भी दिया गया।

ओआरएस, जिंक और क्लोरीनेटेड पानी पर विशेष जोर

सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार को 10 ओआरएस पैकेट, 30 जिंक टैबलेट और क्लिनवेट ड्रॉप उपलब्ध कराई गई। नागरिकों को बताया गया कि 10 लीटर पानी में क्लिनवेट की 8 से 10 बूंदें डालकर एक घंटे बाद उपयोग करने से पानी शुद्ध हो जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और रोगाणु-मुक्त पेयजल उपलब्ध कराना है।

घर-घर स्वास्थ्य परामर्श और जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी। टोल-फ्री नंबरों की जानकारी साझा की गई, दवाओं का पूरा डोज लेने के लिए प्रेरित किया गया और पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई। इसके साथ ही संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान की गई, हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन किया गया और स्वस्थ होकर घर लौटे मरीजों का फॉलो-अप भी किया गया।

24 घंटे चिकित्सा सेवाएं, एम्बुलेंस और रेफरल की सुविधा

कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और 24×7 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। गंभीर मरीजों को एम.व्हाय. अस्पताल, अरविंदो अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरू अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। साथ ही निजी अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों को भी निःशुल्क जांच, इलाज और दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर

भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिन में उल्टी-दस्त के 38 मामले सामने आए, जिनमें से 6 मरीजों को रेफर किया गया। वर्तमान में कुल 110 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 15 मरीज आईसीयू में उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग हालात पर लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।