भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए साल 2025 अब तक का सबसे अहम और ऐतिहासिक वर्ष साबित होता दिख रहा है। इस साल ग्रिड से जुड़ने वाली नई बिजली क्षमता ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भले ही अंतिम आंकड़े जनवरी 2026 की शुरुआत में सामने आएंगे, लेकिन 2025 के पहले 11 महीनों में ही देश ने करीब 44.5 गीगावॉट (GW) ग्रीन एनर्जी क्षमता ग्रिड में जोड़ ली है, जिसमें बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़ा साल 2024 के लगभग 28.7 GW की तुलना में कहीं अधिक है।
रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में रिकॉर्डतोड़ बढ़त
बड़ी हाइड्रो परियोजनाओं को छोड़ दें तो 2025 में भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में करीब 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 30 नवंबर 2025 तक यह क्षमता बढ़कर 204 GW तक पहुंच गई है। यह ग्रोथ पूरे 2024 में दर्ज 21 प्रतिशत वृद्धि से भी ज्यादा है। आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2023 में जहां (बड़ी हाइड्रो को छोड़कर) कुल रिन्यूएबल क्षमता 134 GW थी, वहीं नवंबर 2025 तक यह बढ़कर 204 GW हो चुकी है।
सोलर पावर बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन
भारत की क्लीन एनर्जी ग्रोथ में 2025 के दौरान सोलर पावर ने सबसे अहम भूमिका निभाई है। साल 2025 के पहले 11 महीनों में ही सोलर सेक्टर से करीब 35 GW नई क्षमता ग्रिड में जोड़ी गई, जबकि पूरे 2024 में यह आंकड़ा लगभग 25 GW रहा था। यह साफ दर्शाता है कि सोलर एनर्जी भारत के एनर्जी ट्रांजिशन की रीढ़ बन चुकी है।
इन राज्यों ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार
2025 में जोड़ी गई 35 GW सोलर क्षमता में से करीब 26 GW ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स से आई है। इसके अलावा लगभग 7 GW रूफटॉप सोलर, करीब 1 GW हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स और शेष क्षमता ऑफ-ग्रिड सोलर से जुड़ी है। राज्यों की बात करें तो सोलर पावर क्षमता में राजस्थान (36 GW) सबसे आगे है। इसके बाद गुजरात (25 GW), महाराष्ट्र (17 GW) और तमिलनाडु (12 GW) शीर्ष राज्यों में शामिल हैं।
विंड पावर सेक्टर की मजबूत वापसी
सिर्फ सोलर ही नहीं, बल्कि विंड पावर सेक्टर में भी 2025 के दौरान जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच विंड एनर्जी सेक्टर ने करीब 6 GW नई क्षमता जोड़ी है, जो हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि सुस्त दौर के बाद यह सेक्टर एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है।
कुल रिन्यूएबल क्षमता 254 GW के पार
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2025 तक भारत की कुल स्थापित रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़कर 254 GW हो गई है। इसमें सोलर से 133 GW, विंड से 54 GW, बायोएनर्जी से 11 GW, स्मॉल हाइड्रो से 5 GW और लार्ज हाइड्रो से 50 GW क्षमता शामिल है, जिसमें पंप्ड स्टोरेज भी शामिल है।
सस्ती होती क्लीन एनर्जी तकनीक
IEEFA की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 135 GW अतिरिक्त रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता फिलहाल अलग-अलग चरणों में निर्माण या टेंडर प्रक्रिया में है। खास बात यह है कि बिजली की दरें अब भी बेहद प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं। यूटिलिटी-लेवल सोलर के लिए रिकॉर्ड कम टैरिफ ₹2.44 से ₹2.55 प्रति यूनिट के बीच सामने आ रहा है, जो यह साबित करता है कि क्लीन एनर्जी न केवल पर्यावरण के लिहाज से बेहतर है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहद किफायती और लाभकारी विकल्प बन चुकी है।