आम जनता को राहत, पर प्रीमियम पेट्रोल हुआ महंगा: ईरान जंग के बीच पेट्रोल की कीमतों में बदलाव

New Delhi: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की आग अब भारतीय ईंधन बाजार तक पहुँच गई है। तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को ‘प्रीमियम पेट्रोल’ की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.30 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।

हालाकि, आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पुराने दामों पर ही मिलता रहेगा।

क्यों बढ़े प्रीमियम पेट्रोल के दाम?

प्रीमियम पेट्रोल (जैसे BPCL का Speed, HPCL का Power और IOCL का XP95) की कीमतों में यह उछाल अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण आया है। इस युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है।

वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल फिलहाल 109.54 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही यह 117.98 डॉलर के स्तर को छू गया था। इस अस्थिरता का सबसे बड़ा असर ‘इंडियन बास्केट’ (भारत द्वारा खरीदे जाने वाले तेल का औसत) पर पड़ा है, जिसकी कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं।

कच्चे तेल के तीन बड़े खिलाड़ी: ब्रेंट, WTI और OPEC

दुनिया भर में तेल का कारोबार मुख्य रूप से तीन बेंचमार्क के आधार पर होता है:

  1. ब्रेंट क्रूड: यह उत्तरी सागर (यूरोप) से निकलता है। दुनिया का दो-तिहाई तेल व्यापार इसी के भाव पर निर्भर करता है।

  2. WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट): यह अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है और अपनी उच्च शुद्धता के लिए जाना जाता है।

  3. OPEC बास्केट: यह सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे खाड़ी देशों के संगठन द्वारा उत्पादित तेल का एक औसत मिश्रण है।

भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा इराक, सऊदी अरब, रूस और यूएई से आयात करता है। यदि खाड़ी देशों में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।