एमपी में HSRP को लेकर राहत, आरटीओ की 6 जरूरी सेवाएं अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के भी होंगी पूरी

मध्य प्रदेश शासन की मंजूरी मिलने के बाद परिवहन विभाग ने एनआईसी के ‘वाहन’ पोर्टल में जरूरी तकनीकी बदलाव लागू कर दिए हैं। इन संशोधनों के तहत अब कुछ विशेष सेवाओं के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) का सत्यापन अनिवार्य नहीं रहेगा। यह निर्णय उन वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिनके काम केवल एचएसआरपी वेलिडेशन न होने की वजह से अटक रहे थे।

अब तक स्थिति यह थी कि यदि किसी वाहन में एचएसआरपी अपडेट नहीं थी, तो पोर्टल संबंधित आवेदन को आगे बढ़ने ही नहीं देता था। चोरी की शिकायत दर्ज कर वाहन को ब्लैकलिस्ट करना हो, आरसी से जुड़े प्रकरण हों, परमिट या फिटनेस से संबंधित निरस्तीकरण की प्रक्रिया हो, या फिर एनओसी सरेंडर करना हो—हर जगह एचएसआरपी वेलिडेशन तकनीकी बाधा बन रहा था। इससे आम नागरिकों को बार-बार परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और जरूरी कार्य लंबित रह जाते थे।

विशेष परेशानी उन मामलों में सामने आ रही थी, जहां किसी वाहन का अन्य राज्य में पंजीयन कराने के लिए पूर्व में जारी एनओसी को किसी कारणवश सरेंडर करना होता था। पोर्टल एचएसआरपी की पुष्टि न होने पर आवेदन स्वीकार ही नहीं करता था, जबकि ऐसे मामलों का एचएसआरपी से सीधा संबंध नहीं होता। परिवहन विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद इस तकनीकी बाधा को दूर करने का निर्णय लिया गया।

नए बदलाव के बाद अब इन चुनिंदा सेवाओं से जुड़े कार्य बिना एचएसआरपी सत्यापन के भी किए जा सकेंगे। इससे वाहन मालिकों का समय बचेगा, अनावश्यक दौड़-भाग कम होगी और लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण संभव हो सकेगा। विभाग को उम्मीद है कि इस फैसले से पोर्टल की उपयोगिता बढ़ेगी और नागरिकों को वास्तविक राहत मिलेगी।

वाहन पोर्टल पर जिन छह सेवाओं को एचएसआरपी वेलिडेशन से मुक्त किया गया है, उनमें—चोरी आदि मामलों में वाहन को डेटाबेस में ब्लैकलिस्ट करना, वाहन पंजीयन के निलंबन को निरस्त करना, परमिट के निलंबन को रद्द करना, वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र को निरस्त करना, भाड़ा करार समाप्त करना तथा अन्य राज्य में पंजीयन हेतु जारी एनओसी को आवश्यक स्थिति में सरेंडर करना—जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। इन सेवाओं के लिए अब एचएसआरपी अपडेट न होने पर भी आवेदन प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेगी।