गणतंत्र दिवस 2026: ‘वाइब्रेंट विलेज’ के सरपंच होंगे कर्तव्य पथ पर विशेष मेहमान, रक्षा मंत्रालय ने भेजा न्योता

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए एक विशेष पहल की है। रक्षा मंत्रालय ने ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गांवों के सरपंचों को परेड के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। ये सभी सरपंच अपने जीवनसाथी के साथ दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले भव्य समारोह के साक्षी बनेंगे।

यह कदम सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत समाज के विभिन्न वर्गों के आम लोगों को राष्ट्रीय पर्वों में भागीदार बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के दूर-दराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना है।

क्या है ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम?

‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे चीन की सीमा से लगे गांवों के व्यापक विकास के लिए शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इन गांवों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना और पलायन को रोकना है, ताकि लोग अपने मूल स्थानों पर ही बने रहें।

यह कार्यक्रम अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 19 जिलों के 46 सीमावर्ती ब्लॉकों में चुनिंदा गांवों के विकास पर केंद्रित है। इसके तहत बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

राज्यों को भेजा गया निमंत्रण पत्र

इस विशेष निमंत्रण के संबंध में रक्षा सचिव गिरिधर अरमने ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिवों को एक पत्र भेजा है। पत्र में इन सरपंचों को उनके जीवनसाथी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह-2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया गया है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से इन सीमावर्ती गांवों के प्रतिनिधियों को यह महसूस होगा कि राष्ट्र निर्माण में उनका भी महत्वपूर्ण योगदान है। यह कदम न केवल उनका सम्मान है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के महत्व को भी रेखांकित करता है।

पहले भी आम लोगों को मिला है मौका

सरकार ने 2023 से गणतंत्र दिवस परेड में आम लोगों को विशेष अतिथि के रूप में बुलाने की परंपरा शुरू की थी। इससे पहले सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण में शामिल ‘श्रमयोगियों’, कर्तव्य पथ के रखरखाव कर्मचारियों, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभार्थियों को भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा चुका है।