Mumbai/New Delhi: भारतीय मुद्रा बाजार (Forex Market) में पिछले कुछ समय से जारी गिरावट के सिलसिले पर अब विराम लगता दिखाई दे रहा है। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शानदार रिकवरी करते हुए 93 का स्तर छू लिया। पिछले कारोबारी सत्र (2 अप्रैल) के 93.10 के बंद भाव के मुकाबले आज रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ खुला।
रुपये में आई यह मजबूती भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए उन सख्त कदमों का परिणाम है, जिन्होंने विदेशी मुद्रा बाजार के पूरे समीकरण को ही बदल कर रख दिया है।
RBI की ‘100 मिलियन डॉलर’ की लक्ष्मण रेखा
रुपये की गिरावट को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने सट्टेबाजी (Speculation) पर कड़ा प्रहार किया है। नए करेंसी डायरेक्टिव के तहत, फॉरेक्स ट्रेड में नेट ओपन पोजीशन की सीमा 100 मिलियन डॉलर तय कर दी गई है।
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सट्टेबाजी पर लगाम: पहले ट्रेडर्स और कॉर्पोरेट्स रुपये के गिरने की संभावना पर बड़े दांव लगाते थे, जिससे कृत्रिम रूप से डॉलर की मांग बढ़ती थी और रुपया और कमजोर होता जाता था।
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अनिवार्य बिकवाली: इस नई सीमा के लागू होने से उन बैंकों और ट्रेडर्स को अपने पास मौजूद अतिरिक्त डॉलर की बिकवाली करनी पड़ी, जिनकी होल्डिंग निर्धारित सीमा से अधिक थी। बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ने और खरीदारों की कमी ने रुपये को मजबूती दी है।