शनि गोचर 2026: कुंभ राशि से निकलकर मीन में प्रवेश करेंगे शनिदेव, बाल्यावस्था में होने से इन 3 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ

वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। ग्रहों की चाल और उनकी अवस्थाओं का सीधा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शनिदेव वर्तमान में कुंभ राशि में विराजमान हैं, लेकिन आने वाले समय में वे एक बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। साल 2026 में शनि अपनी राशि परिवर्तित कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।

इस गोचर की खास बात यह है कि मीन राशि में प्रवेश करते समय शनि ‘बाल्यावस्था’ में होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई ग्रह बाल्यावस्था में होता है, तो उसके परिणाम और प्रभाव अलग होते हैं। इस स्थिति में शनि का प्रभाव कुछ विशेष राशियों के लिए अत्यंत शुभ और लाभकारी सिद्ध होने वाला है।

मेष राशि के लिए सुनहरे अवसर

शनि के मीन राशि में प्रवेश करने और बाल्यावस्था में होने का सबसे अधिक लाभ मेष राशि के जातकों को मिल सकता है। ज्योतिषीय आकलन बताते हैं कि यह समय इस राशि के लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है।

इस दौरान मेष राशि के जातकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने के संकेत हैं। आय के नए स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। जो लोग लंबे समय से नौकरी बदलने या नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। इसके अलावा, विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो करियर के लिहाज से फायदेमंद हो सकते हैं।

वृश्चिक राशि के लिए आर्थिक मजबूती

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए भी 2026 का शनि गोचर सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। शनि के मीन राशि में बाल्यावस्था में होने से इस राशि के जातकों को आर्थिक मोर्चे पर मजबूती मिलेगी।

अटका हुआ धन वापस मिलने की प्रबल संभावना है। शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में भी प्रगाढ़ता आने की उम्मीद है।

मकर राशि के लिए साहस और पराक्रम में वृद्धि

मकर राशि, जिसके स्वामी स्वयं शनिदेव हैं, के लिए यह गोचर विशेष रूप से फलदायी रहेगा। शनि का मीन राशि में जाना मकर राशि के जातकों के साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा।

इस अवधि में आप जो भी कार्य अपने हाथ में लेंगे, उसे सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम होंगे। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और मान-सम्मान बढ़ेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। विदेश से जुड़े व्यापार या नौकरी करने वालों के लिए भी यह समय अनुकूल रहने वाला है।

शनि की स्थिति का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। यह एक राशि में लगभग ढाई साल तक रहते हैं। जब शनि किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उनकी अवस्था (बाल्यावस्था, युवावस्था या वृद्धावस्था) का भी फलित ज्योतिष में गहरा महत्व होता है। 2026 में मीन राशि में उनका बाल्यावस्था में होना इन तीन राशियों के लिए विशेष राजयोग कारक बन रहा है।