शाहरुख खान की KKR टीम ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ में खरीदा, संत समाज में आक्रोश

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। हालाकि, इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की उनकी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का एक फैसला है।
16 दिसंबर को हुई आईपीएल मिनी ऑक्शन में केकेआर ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को अपनी टीम में शामिल किया है। इस खरीद के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर संतों के बीच शाहरुख खान और उनकी टीम के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केकेआर ने मुस्ताफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि देकर खरीदा है। यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों और लिंचिंग की खबरें सामने आ रही हैं. इन घटनाओं को लेकर भारत में पहले से ही आक्रोश का माहौल है।
संत समाज ने जताई कड़ी आपत्ति
शाहरुख खान के इस फैसले के खिलाफ कई धार्मिक गुरुओं ने मोर्चा खोल दिया है। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि शाहरुख खान नायक नहीं हैं और उनके कृत्य देशहित में नहीं हैं। रामभद्राचार्य ने अभिनेता के इस कदम को गद्दारी के समान बताया है।
वहीं, प्रसिद्ध कथा वाचक और आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने भी केकेआर और शाहरुख खान पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा को नजरअंदाज किया जा रहा है।

“बांग्लादेश में हिंदुओं की बेरहमी से हत्या की जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे हैं और उनकी बहनों-बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है. ऐसी क्रूर घटनाओं को देखने के बाद कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि उसी देश के किसी क्रिकेटर को अपनी टीम में शामिल कर ले?” — देवकीनंदन ठाकुर

सोशल मीडिया पर बायकॉट की मांग
मुस्ताफिजुर रहमान को खरीदे जाने की खबर आते ही सोशल मीडिया पर शाहरुख खान के खिलाफ विरोध शुरू हो गया। कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए ‘देशद्रोही’ तक कह दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा हो रही है, तो वहां के खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये क्यों दिए जा रहे हैं। नेटिजन्स द्वारा शाहरुख खान और केकेआर के बायकॉट की मांग भी की जा रही है।
बीसीसीआई का क्या है रुख?
इस पूरे मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। कई लोगों ने बीसीसीआई से बांग्लादेशी खिलाड़ियों के आईपीएल में शामिल होने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। हालाकि, बोर्ड ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। बीसीसीआई का स्पष्ट कहना है कि जब तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश या निर्देश नहीं आता, तब तक वे किसी देश के खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं ले सकते।
कौन हैं मुस्ताफिजुर रहमान?
विवाद के केंद्र में रहे मुस्ताफिजुर रहमान बांग्लादेश के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वे अपनी सटीक कटर्स और धीमी गति की गेंदों (स्लोअर डिलीवरी) के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचाने जाते हैं। आईपीएल में उनकी गेंदबाजी की पहले भी तारीफ हो चुकी है और वे एक प्रभावी गेंदबाज माने जाते हैं।
केकेआर ने उनकी इसी काबिलियत को देखते हुए उन पर बड़ा दांव लगाया था, लेकिन अब यह दांव टीम के मालिक के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।
फिलहाल यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ क्रिकेट के तर्क हैं तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में हो रही घटनाओं से जुड़ी संवेदनशीलता।देखना होगा कि आने वाले दिनों में केकेआर प्रबंधन इस विरोध पर क्या प्रतिक्रिया देता है।