शहडोल में दूषित पानी पीने से 8 से अधिक मवेशियों की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में दूषित पानी पीने से 8 से अधिक मवेशियों की मौत हो गई है। यह घटना स्थानीय ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गई है। मवेशी मालिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि मवेशियों ने दूषित जल स्रोत से पानी पिया था। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी और कुछ घंटों में ही कई मवेशियों की मौत हो गई।

जल स्रोत में प्रदूषण की आशंका

स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में जल स्रोतों की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। बरसात के बाद पानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मवेशी एक तालाब से पानी पी रहे थे जहां संभवतः कोई हानिकारक पदार्थ मिला हुआ था।

पशुपालकों ने बताया कि मवेशियों में उल्टी, दस्त और बेचैनी के लक्षण दिखाई दिए थे। इलाज के प्रयास किए गए लेकिन कई पशुओं को बचाया नहीं जा सका। स्थानीय पशु चिकित्सक ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर बचे हुए मवेशियों का परीक्षण किया।

प्रशासन ने शुरू की जांच

जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने मृत पशुओं के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

जल स्रोत के पानी के नमूने भी लिए गए हैं ताकि प्रदूषण के कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे अपने मवेशियों को उस तालाब से पानी न पिलाएं।

ग्रामीणों की मांग

स्थानीय पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि मवेशी उनकी आजीविका का मुख्य साधन हैं। इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जल स्रोतों की नियमित सफाई और निगरानी होनी चाहिए।

पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में अन्य मवेशियों की स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है ताकि आगे कोई नुकसान न हो।