Shani Gochar: शनि की फिरकी पड़ेगी भारी! इन जातकों को होगा धन लाभ, इन राशियों पर होगा बुरा असर

Shani Gochar: हिंदू पंचांग के अनुसार, 17 जनवरी 2023 से शनि देव कुंभ राशि में भ्रमण कर रहे हैं। यह स्थिति शनि की साढ़े साती और ढैय्या जैसी प्रभावी स्थितियों को जन्म देती है। अब आगामी 29 मार्च 2025 को शनि देव गुरु की राशि मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। हालांकि, इस गोचर को लेकर विभिन्न पंचांगों में मतभेद देखा जा रहा है। कुछ पंचांगों के अनुसार शनि का मीन राशि में प्रवेश थोड़े अलग समय पर दर्शाया गया है, जिससे गोचर की तिथि में थोड़ा समय का अंतर पाया जा रहा है।

इस तरह के अंतर पंचांगों की गणना पद्धति, सूर्योदय-सूर्यास्त और क्षेत्रीय समय को लेकर होते हैं। इसलिए शनि गोचर का सटीक समय जानने के लिए विशेष ज्योतिषीय गणना या प्रामाणिक पंचांग की सलाह लेना उचित होता है।

पुष्पांजलि पंचांग, लाला रामस्वरूप पंचांग, और लोक विजय पंचांग — इन तीनों प्रसिद्ध पंचांगों के अनुसार शनि गोचर को लेकर कुछ अंतर दिखाई देता है:
• पुष्पांजलि पंचांग के अनुसार, शनि देव 29 मार्च 2025 को रात 9:29 बजे कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
• लाला रामस्वरूप पंचांग के अनुसार, यह गोचर 29 मार्च 2025 को रात 8:51 बजे होगा।
• वहीं लोक विजय पंचांग के अनुसार, शनि का मीन राशि में प्रवेश 5 अप्रैल 2025 की प्रातः काल होगा।

यह अंतर पंचांगों की गणना पद्धतियों में अंतर और क्षेत्रीय समयों के कारण होता है। इसलिए किसी विशेष स्थान और जातक की कुंडली के लिए शनि गोचर का सटीक प्रभाव जानने हेतु व्यक्तिगत ज्योतिष परामर्श लेना अधिक उपयुक्त रहता है।

शनि की प्रकृति और स्वामीत्व:
ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म, न्याय और अनुशासन का प्रतिनिधि माना गया है। ये ग्रह ढाई वर्ष तक एक राशि में रहते हैं, और इनके गोचर का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में साढ़े साती, ढैय्या, और अन्य विशेष स्थितियों के रूप में सामने आता है।
मकर और कुंभ राशि शनि की स्वराशियां मानी जाती हैं, यानी इन राशियों पर इनका विशेष अधिकार और प्रभाव होता है। शनि का स्वभाव गंभीर, धीमा लेकिन न्यायप्रिय माना जाता है।

29 मार्च 2025 को शनि जब मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तो इसके साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या (अढ़ैया) का चक्र भी कई राशियों के लिए बदलेगा। इसका असर कुछ राशियों के लिए राहत लेकर आएगा, तो कुछ के लिए चुनौतियाँ बढ़ेंगी।

यहाँ संक्षेप में बताया गया है:

1. मकर राशि –

साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी।
मकर राशि के जातकों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी। अब तक का जो दबाव, मानसिक तनाव, स्वास्थ्य व वित्त संबंधी परेशानियाँ चल रही थीं, उनमें कमी आएगी।

2. मीन राशि –

साढ़ेसाती का मध्य चरण प्रारंभ होगा।
शनि अब इस राशि में प्रवेश करेंगे, इसलिए मीन राशि के जातकों की साढ़ेसाती का द्वितीय चरण शुरू होगा, जो सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

3. मेष राशि –

साढ़ेसाती की शुरुआत होगी।
शनि मीन में आकर मेष राशि के पीछे वाली राशि (मीन) में होंगे, जिससे मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का प्रथम चरण शुरू होगा। यह धीरे-धीरे मानसिक व कार्यक्षेत्र से संबंधित दबाव लाएगा।

4. सिंह राशि –

शनि की अढ़ैया (ढैय्या) प्रारंभ होगी।
सिंह राशि पर शनि की तीसरी दृष्टि पड़ेगी, जिससे अढ़ैया की स्थिति बनेगी। यह समय संयम और मेहनत का है।

5. धनु राशि –

शनि की अढ़ैया प्रारंभ होगी।
धनु राशि वालों पर शनि की सातवीं दृष्टि होगी, जिससे उन्हें भी ढैय्या का प्रभाव झेलना होगा।

शनि देव का मीन राशि में गोचर (Shani Gochar in Meen Rashi 2025) वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। चूंकि शनि अब अपने स्वगृही कुंभ से निकलकर मीन, यानी गुरु की राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए उनकी प्रभावशाली शक्ति थोड़ी कम मानी जाती है। इसके कारण सभी 12 राशियों पर इसके प्रभाव में अंतर आएगा – कुछ के लिए यह गोचर चुनौतियां लेकर आएगा, तो कुछ के लिए यह आत्मनिरीक्षण और सुधार का अवसर होगा।

यहां प्रत्येक राशि पर इसका सारांश रूप में प्रभाव दिया गया है:

1. मेष राशि (Aries):
• नकारात्मक प्रभाव: कोर्ट-कचहरी में सफलता नहीं, धन आने में बाधा।
• चुनौती: गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें, भाग्य साथ नहीं देगा।

2. वृष राशि (Taurus):
• संभावित लाभ: धन लाभ संभव, लेकिन नैतिक रास्तों पर ध्यान दें।
• सावधानी: दुर्घटनाओं से बचें, स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

3. मिथुन राशि (Gemini):
• मिश्रित प्रभाव: पिताजी का स्वास्थ्य सामान्य, लेकिन कोर्ट केस में सावधानी।
• चेतावनी: जीवन साथी को स्वास्थ्य कष्ट हो सकता है।

4. कर्क राशि (Cancer):
• नुकसान: भाई-बहनों से तनाव, गुप्त शत्रु उत्पन्न हो सकते हैं।
• लाभ: भाग्य से सीमित मदद, आर्थिक मामलों में सजगता रखें।

5. सिंह राशि (Leo):
• सावधानी: दुर्घटनाओं से बचें।
• लाभ: नौकरी में प्रतिष्ठा मिल सकती है।

6. कन्या राशि (Virgo):
• सकारात्मक प्रभाव: भाग्य का साथ मिलेगा, दांपत्य जीवन स्थिर।
• स्वास्थ्य: दांतों में तकलीफ हो सकती है।

7. तुला राशि (Libra):
• चुनौतियां: शत्रुओं में वृद्धि, कोर्ट केस से बचाव ज़रूरी।
• लाभ: पराक्रम में वृद्धि संभव।

8. वृश्चिक राशि (Scorpio):
• नुकसान: छात्रों को पढ़ाई में बाधाएं, जीवन साथी को तकलीफ।
• चेतावनी: नैतिकता से दूर रहने पर आर्थिक उलझनें हो सकती हैं।

9. धनु राशि (Sagittarius):
• स्वास्थ्य: माता को कष्ट, स्वयं को गर्दन व कमर में दर्द।
• चुनौतियां: गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं।

10. मकर राशि (Capricorn):
• सावधानी: ऋण लेने से पहले सोचें, कोर्ट केस से सतर्क रहें।
• परिवार: भाई को परेशानियां हो सकती हैं।

11. कुंभ राशि (Aquarius):
• धन: आय संभव लेकिन अनैतिक स्रोत से।
• सावधानी: दुर्घटनाओं से बचाव ज़रूरी।

12. मीन राशि (Pisces):
• स्वास्थ्य: स्वयं व जीवनसाथी दोनों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां।
• करियर: नौकरी में स्थिति स्थिर रहेगी।