भारतीय शेयर बाजार के लिए 19 मार्च 2026 का दिन ‘ब्लैक थर्सडे’ साबित हुआ। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू बैंकिंग संकट के दोहरे झटके ने दलाल स्ट्रीट में हड़कंप मचा दिया। सेंसेक्स करीब 1800 अंक (2.35%) की भारी गिरावट के साथ 74,900 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 540 अंक (2.20%) लुढ़ककर 23,250 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार में कोहराम की 3 मुख्य वजहें
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज की इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन प्रमुख वैश्विक और स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं:
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ईरान-इजराइल युद्ध और सप्लाई चेन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के टूटने का डर पैदा कर दिया है। निवेशकों को अंदेशा है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो वैश्विक व्यापार पूरी तरह बाधित हो जाएगा।
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कच्चे तेल की कीमतों में आग: ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 5% उछलकर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई रुकने के डर से माल ढुलाई और बीमा की लागत बढ़ गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
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वैश्विक बाजारों का दबाव: अमेरिकी बाजार (डाउ जोन्स 768 अंक नीचे) और एशियाई बाजारों (निक्केई 2.47% डाउन) में भारी बिकवाली का सीधा असर भारतीय सेंटीमेंट पर पड़ा।
HDFC बैंक में इस्तीफा और बैंकिंग सेक्टर की गिरावट
देश के सबसे बड़े निजी बैंक, HDFC बैंक में मचे आंतरिक कलह ने आग में घी डालने का काम किया। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने निवेशकों को चौंका दिया। चक्रवर्ती ने बैंक की कार्यप्रणाली और नैतिकता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ घटनाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों से मेल नहीं खातीं।
इस खबर के बाद HDFC बैंक के शेयरों में 5% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹804 के स्तर पर आ गया। आनन-फानन में आरबीआई की मंजूरी के बाद केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बैंकिंग के साथ-साथ ऑटो सेक्टर में भी आज जबरदस्त बिकवाली देखी गई।
निवेशकों को भारी चपत
बाजार में इस सुनामी से निवेशकों की संपत्ति में भारी सेंध लगी है। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) कल के ₹439 लाख करोड़ से घटकर ₹430 लाख करोड़ पर आ गया। यानी महज एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की वेल्थ में 9 लाख करोड़ रुपए की कमी आई है।
ग्लोबल मार्केट का हाल (तालिका)
इंडेक्स |
देश/क्षेत्र |
गिरावट (%) |
वर्तमान स्तर |
निक्केई |
जापान |
2.47% |
53,875 |
कोस्पी |
दक्षिण कोरिया |
1.31% |
5,847 |
डाउ जोन्स |
अमेरिका |
1.63% |
46,225 |
ब्रेंट क्रूड |
वैश्विक |
4.00%+ |
$112/बैरल |
निष्कर्ष: कल 633 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार आज पूरी तरह से युद्ध और महंगाई के डर की गिरफ्त में है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य-पूर्व (Middle East) में स्थिति सामान्य नहीं होती, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।