‘शशी थरूर’ जो करते थे आलोचना वह भी हुए ‘मोदी’ के मुरीद

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मोदी सरकार की नीतियों की एक बार फिर जमकर तारीफ की है, इस बार उनका ध्यान ‘वैक्सीन कूटनीति’ पर था। पहले रूस-यूक्रेन युद्ध पर सरकार की विदेश नीति की सराहना करने वाले थरूर ने अब कोविड महामारी के दौरान भारत की प्रभावी भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की रणनीति को सराहा।

भारत की सॉफ्ट पावर का किया जिक्र

थरूर ने एक अंग्रेजी अखबार में अपने लेख में मोदी सरकार के ‘वैक्सीनेशन डिप्लोमेसी’ को ‘अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व का एक शक्तिशाली उदाहरण’ बताया। उनका मानना है कि भारत ने न केवल महामारी के दौरान वैक्सीन का निर्माण किया, बल्कि दक्षिण एशियाई देशों में स्वास्थ्य देखभाल में भी अहम योगदान दिया। थरूर ने यह भी बताया कि भारत ने नेपाल, मालदीव और कुवैत जैसे देशों में भारतीय सैन्य डॉक्टरों को भेजने के साथ-साथ वहां स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण भी आयोजित किया। इसी के साथ, थरूर ने यह भी कहा कि यह कोविड के दौरान भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो देश की तकनीकी क्षमता और प्रशिक्षण में गहरी पकड़ को दर्शाता है।

रूस-यूक्रेन पर शांतिपूर्ण रूख की भी तारिफ

हाल ही में, थरूर ने पीएम मोदी के रूस-यूक्रेन संघर्ष पर शांतिपूर्ण रुख को भी सराहा था, और कहा था कि “युद्ध के मैदान में शांति नहीं मिल सकती।” उनके लेख और बयानों से साफ दिखता है कि वे मोदी सरकार के कई फैसलों की सराहना कर रहे हैं, जो शायद पार्टी में अंदरूनी दरारों की खबरों के बीच कुछ खास महत्व रखते हैं।