शिवराज के बनाए ‘सीएम राइज’ का नाम बदला, अब महर्षि सांदीपनि विद्यालय के नाम से जाने जाएंगे स्कूल

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर इन्हें महर्षि सांदीपनि विद्यालय के नाम से पुकारने का ऐलान किया। यह बदलाव जुलाई 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत हुआ। मुख्यमंत्री यादव ने इस बदलाव को लेकर कहा, “सीएम राइज स्कूल का नाम पुराने समय के जैसा प्रतीत होता था, जबकि इसे महर्षि सांदीपनि के नाम पर किया गया है, जो हमारे देश के महान ऋषि थे।”

‘स्कूल चलें हम अभियान – 2025’ की शुरुआत

भोपाल में मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘स्कूल चलें हम अभियान – 2025’ की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए और सरकारी स्कूलों की शिक्षा में कोई कमी नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों से पढ़कर कई महान व्यक्तियों ने भारत का नाम रोशन किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फैसलों में बदलाव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी बताया कि यह बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फैसलों में एक और पलटाव है। इससे पहले उन्होंने मध्यप्रदेश गान बंद करने, बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने, और राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) को बहाल करने जैसे फैसलों को पलटा था। सीएम राइज स्कूल योजना की शुरुआत जुलाई 2023 में शाजापुर जिले के गुलाना में हुई थी, जहां राज्यभर में 9,000 सीएम राइज स्कूल खोलने की योजना थी। वर्तमान में 275 सीएम राइज स्कूल प्रदेश में कार्यरत हैं, जिनमें करीब ढाई लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

बेटियों के लिए विशेष पहल: साइकिल वितरण

स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि जुलाई से मध्यप्रदेश में सभी बेटियों को साइकिल प्रदान की जाएंगी, ताकि वे स्कूल आने-जाने में कोई परेशानी न महसूस करें और उनकी शिक्षा में कोई रुकावट न आए। यह पहल बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए की जा रही है।

शैक्षिक सामग्री की समय पर उपलब्धता

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने यह भी बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थी अपने नए बैग में पूरी शैक्षिक सामग्री लेकर स्कूल जाएंगे, जो पहली बार हुआ है। उन्होंने सभी शिक्षक और शिक्षा विभाग को बधाई दी, क्योंकि इस वर्ष शैक्षिक सामग्री हर जिले में समय से पहले बांट दी गई है।