श्रीलक्ष्मी माहेश्वरी महिला संगठन पूर्वीक्षेत्र में अंजना बाहेती अध्यक्ष, सोनाली न्याति सचिव निर्विरोध चुनी गईं

श्रीलक्ष्मी माहेश्वरी महिला संगठन के पूर्वीक्षेत्र की नई कार्यकारिणी के चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गए। संगठन में अध्यक्ष पद के लिए अंजना बाहेती और सचिव पद के लिए सोनाली न्याति के नाम घोषित किए गए। इसके साथ ही अन्य पदों पर भी सर्वसम्मति से नियुक्तियां की गईं।

चुनाव प्रक्रिया के समापन के बाद संगठन की ओर से पदाधिकारियों की सूची जारी की गई। इस सूची में कोषाध्यक्ष, संगठन मंत्री, प्रचार मंत्री, उपाध्यक्ष और सहसचिव पदों के लिए भी नामों का ऐलान किया गया। चुनाव में किसी पद पर प्रतिद्वंद्विता नहीं होने के कारण पूरी प्रक्रिया निर्विरोध रही।

नई कार्यकारिणी में किन्हें मिली जिम्मेदारी

घोषित सूची के अनुसार अंजना बाहेती को अध्यक्ष बनाया गया है। सचिव पद की जिम्मेदारी सोनाली न्याति को दी गई है। कोषाध्यक्ष के रूप में सरिता मूंदड़ा का चयन हुआ। संगठन मंत्री पद पर विद्या मुछाल और प्रचार मंत्री पद पर प्रीति लड्ढा को नियुक्त किया गया।

उपाध्यक्ष पद के लिए अर्पणा साबू और निशा काबरा के नाम तय किए गए। सहसचिव पद पर समता मूंदड़ा और शीतल राठी को मनोनीत किया गया। इस तरह संगठन की नई टीम में अलग-अलग दायित्वों का वितरण पूरा कर लिया गया है।

घोषणा किनकी मौजूदगी में हुई

पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा चुनाव अधिकारी निशा झंवर, पर्यवेक्षक सुमन सारडा और निवृत्तमान अध्यक्ष सुनीता बाहेती की उपस्थिति में की गई। संगठन की ओर से यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी होने के बाद नई कार्यकारिणी के गठन की जानकारी साझा की गई।

निर्विरोध चुनाव के साथ संगठन ने यह संकेत दिया है कि पदों को लेकर सहमति बनी रही। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद अब संगठन के पूर्वीक्षेत्र में आगामी गतिविधियों का संचालन घोषित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी में होगा।

संगठनात्मक निरंतरता पर फोकस

नई टीम में अध्यक्ष से लेकर सहसचिव तक सभी प्रमुख पदों पर नाम तय होने के बाद संगठनात्मक ढांचे को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया गया है। इससे प्रशासनिक और कार्यक्रम संबंधी कामकाज के लिए जिम्मेदारियों का बंटवारा औपचारिक रूप से स्थापित हो गया है।

पूर्व पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई घोषणा को संगठनात्मक निरंतरता की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। निर्विरोध चुनाव के जरिए बनी यह कार्यकारिणी अब पूर्वीक्षेत्र में संगठन के नियमित कामकाज को आगे बढ़ाएगी।