घरेलू सर्राफा बाजार में आज यानी 20 जनवरी को सोने और चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत पहली बार 3 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है। लगातार दूसरे दिन कीमती धातुओं में यह रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखी गई है।
सोमवार को चांदी में 10,888 रुपये की भारी बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव 3,04,863 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले कारोबारी सत्र में यह 2,93,975 रुपये पर बंद हुई थी। एमसीएक्स (MCX) पर वायदा कारोबार में चांदी ने कल ही 3 लाख का स्तर छू लिया था।
20 दिनों में 74 हजार महंगी हुई चांदी
नए साल की शुरुआत से ही चांदी की चमक बढ़ती जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल के महज 20 दिनों के भीतर चांदी 74,443 रुपये महंगी हो चुकी है। वहीं, सोने की बात करें तो इसमें भी आज 2,429 रुपये का उछाल आया है। 24 कैरेट सोने का भाव अब 1,46,375 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कल 1,43,946 रुपये पर था। इस साल अब तक सोना 13,180 रुपये महंगा हो चुका है।
2025 रहा था रिकॉर्ड तोड़ साल
बीता साल यानी 2025 निवेशकों के लिए बंपर मुनाफे वाला साबित हुआ था। 2025 में सोने की कीमतों में 75% की वृद्धि दर्ज की गई थी। 31 दिसंबर 2024 को जो सोना 76,162 रुपये का था, वह साल के अंत तक 1.33 लाख रुपये पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ने 167% का रिटर्न दिया। 2024 के अंत में 86,017 रुपये वाली चांदी 2025 खत्म होते-होते 2.30 लाख रुपये प्रति किलो हो गई थी।
चांदी में तेजी के 3 बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी अब केवल एक कीमती धातु नहीं बल्कि एक जरूरी इंडस्ट्रियल कमोडिटी बन गई है। इसके पीछे मुख्य तीन वजहें हैं:
इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री में चांदी का इस्तेमाल भारी मात्रा में बढ़ा है। यह अब ज्वेलरी से ज्यादा औद्योगिक कच्चा माल बन चुकी है।
ट्रंप का टैरिफ डर: अमेरिका में टैरिफ बढ़ने की आशंका के चलते वहां की कंपनियां चांदी का बड़ा स्टॉक जमा कर रही हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव पड़ा है और कीमतें ऊपर चढ़ी हैं।
मैन्युफैक्चरिंग होड़: प्रोडक्शन रुकने के डर से दुनियाभर के मैन्युफैक्चरर्स पहले से ही खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमत दोनों में तेजी बनी हुई है।
क्या 4 लाख तक जाएगा भाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की यह रैली अभी रुकने वाली नहीं है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का अनुमान है कि 2026 में चांदी 3.20 लाख रुपये तक जा सकती है। वहीं, सैमको सिक्योरिटीज को लगता है कि तकनीकी ब्रेकआउट के चलते भाव 3.94 लाख रुपये तक भी पहुंच सकते हैं।
“ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती से चांदी 100 डॉलर प्रति औंस (करीब 3.5 से 4 लाख रुपये) तक जा सकती है।” — नीलेश सुराना, कमोडिटी एक्सपर्ट