Silver Gold Price Today : सोना ₹1,232 और चांदी ₹12,225 गिरी, निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग से दाम कमजोर

आज कीमती धातुओं के बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट 10 ग्राम सोना 1,232 रुपए घटकर 1,35,443 रुपए पर बंद हुआ, जबकि इससे पहले यह 1,36,675 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
चांदी के दामों में भी भारी गिरावट देखी गई। एक किलो चांदी 12,225 रुपए सस्ती होकर 2,35,775 रुपए पर आ गई। रविवार को यह 2,48,000 रुपए प्रति किलो के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंची थी।
निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार बताया जा रहा है कि चांदी के ऑलटाइम हाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग की, जिससे कीमतों में गिरावट आई।

केडिया के अनुसार इस वर्ष चांदी का भाव 2.75 लाख रुपए प्रति किलो तक जा सकता है, जबकि सोने में भी मांग मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि 2024 के अंत तक सोने की कीमतें 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

पिछले वर्ष कीमतों में रिकॉर्ड उछाल
पिछले वर्ष सोना और चांदी दोनों ने मजबूत तेजी दिखाई थी। वर्ष 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए बढ़कर 1,33,195 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंची, जो लगभग 75% की वृद्धि है। इसी अवधि में चांदी के भाव में 1,44,403 रुपए यानी 167% की वृद्धि हुई और यह 86,017 रुपए से बढ़कर 2,30,420 रुपए प्रति किलो तक चली गई।
ETF के जरिये निवेश का विकल्प
कम राशि से सोना और चांदी में निवेश करने वालों के लिए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) एक लोकप्रिय विकल्प हैं। गोल्ड और सिल्वर ETFs के भाव सोने-चांदी के बाजार मूल्य पर आधारित होते हैं। ये BSE और NSE पर शेयरों की तरह खरीदे-बेचे जा सकते हैं, लेकिन इनमें भौतिक धातु निवेशक को नहीं मिलती।
ETF में निवेश के कई फायदे हैं — इन्हें सुरक्षित भंडारण की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि यह डीमैट फॉर्म में रहते हैं, इन पर मेकिंग चार्ज या GST नहीं लगता और ट्रेडिंग के समय ही खरीद-बिक्री संभव है। गोल्ड ETF 99.5% शुद्ध सोने को और सिल्वर ETF उच्च शुद्धता वाली चांदी को ट्रैक करते हैं। साथ ही, निवेशक छोटी राशि से SIP के रूप में निवेश प्रारंभ कर सकते हैं जिससे पोर्टफोलियो में स्थिरता और मुद्रास्फीति से बचाव मिलता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट अल्पकालिक है और वैश्विक आर्थिक संकेतकों में स्थिरता आने पर सोने-चांदी के दाम एक बार फिर ऊपर जा सकते हैं।