Silver Gold Price Today: इस सप्ताह सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं के दाम फिर ऊपर गए। सोना करीब ₹4,000 बढ़कर ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
बीते सप्ताह 20 फरवरी, शुक्रवार को इसका स्तर करीब ₹1.55 लाख था। इसी अवधि में चांदी ₹2.50 लाख प्रति किलो से बढ़कर ₹2.67 लाख प्रति किलो पर पहुंची, यानी लगभग ₹17,000 की साप्ताहिक तेजी दर्ज हुई।
कीमतों में यह बढ़त ऐसे समय आई है जब साल 2026 में अब तक दोनों धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक सोना ₹25,902 और चांदी ₹36,280 महंगी हो चुकी है।
साल के दौरान रिकॉर्ड स्तर भी देखे गए थे। 29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम का उच्च स्तर छुआ था, जबकि चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंची थी। उसके बाद आई गिरावट के बावजूद मौजूदा सप्ताह में फिर मजबूती लौटी है।
तेजी के पीछे तीन प्रमुख ट्रिगर
बाजार विश्लेषण में पहला कारण वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता बताया जा रहा है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन वार्ता में प्रगति न होने से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक आम तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं।
दूसरा कारण अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर उम्मीदें हैं। फेडरल रिजर्व की ओर से इस साल ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलने के बाद गोल्ड जैसे एसेट की मांग को समर्थन मिला है। दरें नरम होने पर गैर-ब्याज वाले निवेश विकल्पों में हिस्सेदारी बढ़ती है।
तीसरा कारक हालिया गिरावट के बाद आई वैल्यू खरीदारी रही। पिछले दौर में दाम नीचे आने पर निवेशकों और ज्वेलर्स ने कम स्तर पर खरीदारी बढ़ाई, जिससे बाजार में सपोर्ट बना और भाव फिर ऊपर चले गए।
2026 के लिए UBS का आउटलुक
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म UBS ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोने की वैश्विक मांग अभी मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। 2026 में यह खरीद बढ़कर 950 टन तक जा सकती है।
UBS ने गोल्ड ETF निवेश में भी बढ़ोतरी का अनुमान दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में ETF के जरिए सोने में निवेश 825 टन तक पहुंच सकता है। संस्थागत और दीर्घकालिक निवेश का यह रुझान कीमतों को ऊपर रखने वाला कारक माना जा रहा है।
इसी आकलन के आधार पर UBS ने अनुमान जताया है कि 2026 के मध्य तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है। रुपए में परिवर्तित मूल्य के आधार पर यह करीब ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे का संकेत देता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
मौजूदा डेटा यह दिखाता है कि अल्पकाल में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने-चांदी को मजबूत आधार दिया है। घरेलू खरीदारों के लिए यह चरण ऊंचे दाम और अस्थिरता, दोनों का संकेत है। इसलिए बाजार प्रतिभागी अब अमेरिकी ब्याज दरों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों की खरीद पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल साप्ताहिक तस्वीर यही है कि सोना ₹1.59 लाख और चांदी ₹2.67 लाख के स्तर पर पहुंचकर फिर चर्चा में हैं। आने वाले हफ्तों में वैश्विक संकेत तय करेंगे कि यह तेजी स्थिर रहती है या फिर बाजार में दोबारा तीखा सुधार आता है।