Silver Gold Price Today: घरेलू कमोडिटी बाजार में 18 फरवरी की सुबह की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों के वायदा भाव ऊंचे स्तर पर कारोबार करते दिखे। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से दोनों धातुओं में एक साथ उछाल दर्ज हुआ।
MCX के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 2,082 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह बढ़त 1.38% के बराबर रही। दूसरी ओर, मार्च डिलीवरी वाली चांदी में 8,067 रुपये की तेजी आई और भाव 2,36,850 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। चांदी में यह उछाल 3.53% का रहा, जो सोने के मुकाबले अधिक तेज था।
आज के कारोबार की मुख्य तस्वीर
सोने और चांदी में एक साथ आई यह तेजी बाजार की दिशा पर नए सवाल खड़े कर रही है। पिछले कुछ सत्रों से कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना हुआ था, लेकिन 18 फरवरी की शुरुआत में दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स ने स्पष्ट बढ़त दिखाई। इससे ट्रेडर्स और रिटेल निवेशकों दोनों का फोकस फिर से मेटल सेगमेंट पर गया है।
कारोबार के शुरुआती घंटे अक्सर दिन की दिशा तय करते हैं। ऐसे में सोना 1.38% और चांदी 3.53% की बढ़त के साथ खुलना बाजार की मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। खासकर चांदी में एक ही झटके में 8,067 रुपये का उछाल इसे दिन की सबसे प्रमुख चाल बनाता है।
क्या निवेशकों के लिए अभी भी मौका है?
बाजार से जुड़े संकेतों के अनुसार, मौजूदा भाव के बावजूद सोना और चांदी दोनों अभी अपने ऑल टाइम हाई से नीचे हैं। इसी वजह से कई निवेशक इसे चरणबद्ध खरीदारी के नजरिए से देख रहे हैं। हालांकि, तेजी वाले सत्र में एंट्री के फैसले जोखिम प्रबंधन के साथ किए जाते हैं, क्योंकि वायदा बाजार में कीमतें तेजी से बदलती हैं।
सोने और चांदी के निवेशक आमतौर पर दो स्तरों पर नजर रखते हैं। पहला, MCX पर वायदा कीमतों की चाल। दूसरा, घरेलू सर्राफा बाजार में खुदरा दरों का रुझान। जब दोनों बाजारों में दिशा एक जैसी दिखती है, तब खरीद और मुनाफावसूली की रणनीति अधिक सक्रिय हो जाती है।
MCX और सर्राफा बाजार: किन बातों पर नजर रखें
MCX के भाव कॉन्ट्रैक्ट आधारित होते हैं, इसलिए इनमें डिलीवरी महीनों के हिसाब से अंतर दिख सकता है। इस समय सोना अप्रैल और चांदी मार्च कॉन्ट्रैक्ट में कारोबार कर रहे हैं। वहीं, सर्राफा बाजार में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की खुदरा दरें शहर-दर-शहर अलग रहती हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े बाजारों में छोटे अंतर भी उपभोक्ता कीमतों को प्रभावित करते हैं।
खरीदारी की योजना बनाने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी है कि वे वायदा भाव और स्थानीय ज्वैलर्स के रेट दोनों की तुलना करें। ज्वैलरी खरीद में मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य लागतें अंतिम बिल को बदल देती हैं, जबकि निवेश के नजरिए से बिस्किट, बार या डिजिटल गोल्ड में अलग गणना लागू होती है।