Silver Gold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी, जानिए क्या है आपके शहरों में आज का भाव

Silver Gold Price Today: भारतीय सर्राफा बाजार में साल 2026 की शुरुआत निवेशकों के लिए ऐतिहासिक रही है। जनवरी के महीने में ही सोने और चांदी की कीमतों ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं।
आज यानी 27 जनवरी 2026 को देश की राजधानी दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में कीमती धातुओं के भाव अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। बाजार में मची इस हलचल ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है।
दिल्ली में सोने की नई कीमतें
राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 1,62,110 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज की गई है। यह अब तक का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। केवल शुद्ध सोना ही नहीं, बल्कि आभूषणों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के दाम भी आसमान छू रहे हैं। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 22 कैरेट सोने का भाव 1,48,610 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।
वहीं, 18 कैरेट सोने की बात करें तो इसकी कीमत 1,21,620 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी महीने की शुरुआत से ही कीमतों में जो बढ़त शुरू हुई थी, उसने अब एक तूफानी रूप ले लिया है। शादियों के सीजन और वैश्विक अनिश्चितता ने घरेलू बाजार में मांग को और हवा दी है।
चांदी ने बनाया नया कीर्तिमान
चांदी की कीमतों ने भी इस बार निवेशकों को मालामाल कर दिया है। दिल्ली में चांदी का भाव 3,60,100 रुपये प्रति किलोग्राम के पार निकल गया है। चांदी की चमक में आई यह तेजी सोने के मुकाबले अधिक आक्रामक नजर आ रही है। औद्योगिक मांग में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की किल्लत को इस उछाल की मुख्य वजह माना जा रहा है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
बाजार विश्लेषकों ने कीमतों में इस ऐतिहासिक बढ़त के पीछे पांच प्रमुख वैश्विक कारणों को रेखांकित किया है। सबसे महत्वपूर्ण कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते युद्ध के खतरों के बीच निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मान रहे हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। ब्याज दरों में कटौती के संकेतों ने डॉलर को कमजोर किया है, जिससे सोने-चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ गई हैं।
एक अन्य बड़ा कारण दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों द्वारा की जा रही सोने की भारी खरीदारी है। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। साथ ही, वैश्विक आर्थिक सुस्ती और मंदी के डर ने भी निवेशकों को जोखिम भरे निवेश छोड़कर सोने की ओर आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक स्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो आने वाले समय में कीमतों में और अधिक वृद्धि देखी जा सकती है।