तीन दिन की गिरावट के बाद चांदी में ₹28,000 की उछाल, MCX पर 2.65 लाख प्रति किलो पहुंची

सोने-चांदी के बाजार में 3 फरवरी को जोरदार उछाल आया। तीन दिनों की भारी गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं में तेजी लौटी है। MCX पर चांदी के भाव में करीब 28 हजार रुपए यानी 12 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।

एक किलो चांदी का भाव अब 2.65 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले बीते तीन कारोबारी दिनों में चांदी 1.60 लाख रुपए तक गिर गई थी। कुछ समय पहले चांदी 4 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंची थी जो गिरकर 2.4 लाख पर आ गई थी।

सोने में भी आई तेजी

सोने के भाव में भी आज करीब 8 हजार रुपए की तेजी देखी गई। 10 ग्राम सोना अब 1.52 लाख रुपए पर कारोबार कर रहा है। पिछले 3 कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में 26 हजार रुपए की गिरावट आई थी।

सर्राफा बाजार में क्या है हाल

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक सर्राफा बाजार में भी तेजी का रुख है। चांदी 4,465 रुपए बढ़कर 2,63,965 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है।

वहीं 24 कैरेट सोने का भाव 2,783 रुपए बढ़कर 1,51,529 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते तीन दिन मुनाफावसूली के चलते दोनों धातुओं में गिरावट आई थी।

MCX और सर्राफा बाजार में अलग दाम क्यों

MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। यहां शेयर बाजार की तरह हर सेकंड बोलियां लगती हैं। इसलिए दाम लगातार ऊपर-नीचे होते रहते हैं।

सर्राफा बाजार में फिजिकल सोना-चांदी बिकती है। इसमें ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज का खर्च जुड़ा होता है। यही वजह है कि दोनों जगह कीमतों में अंतर दिखता है।

गिरावट की दो बड़ी वजहें

प्रॉफिट बुकिंग: हाल के दिनों में सोने-चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। इसके बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की।

फिजिकल डिमांड में कमी: ऑल टाइम हाई कीमतों के बाद फिजिकल मांग कमजोर पड़ी। साथ ही औद्योगिक उपयोग को लेकर चिंताएं भी बढ़ीं।

मार्जिन बढ़ने से बाजार पर दबाव

सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने बताया कि शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने और चांदी पर मार्जिन मनी बढ़ा दी है। इससे पहले कॉपर पर भी यह बढ़ोतरी की गई थी।

सोने पर मार्जिन 6 फीसदी से बढ़ाकर 8 फीसदी कर दिया गया है। चांदी पर इसे 11 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया है।

मार्जिन बढ़ने का क्या असर होता है

कमोडिटी मार्केट में बड़ा सौदा करने के लिए पूरी रकम तुरंत नहीं देनी होती। कुल कीमत का एक हिस्सा सिक्योरिटी के रूप में जमा करना पड़ता है। इसे ही मार्जिन कहते हैं।

मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि ट्रेडर्स को अब ज्यादा पैसा लगाना होगा। जिन ट्रेडर्स ने पहले से खरीदारी की है उनसे एक्सचेंज अतिरिक्त रकम मांगता है।

अगर उनके पास तुरंत पैसा नहीं है तो उन्हें अपना सोना या चांदी बेचना पड़ता है। जब एक साथ कई लोग बेचते हैं तो कीमतें गिरने लगती हैं। यही वजह है कि मार्जिन बढ़ने से बाजार पर दबाव बना रहता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में मार्जिन के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।