चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2.44 लाख रुपये के पार पहुंची कीमत: गोल्ड के भाव भी ऑलटाइम हाई

सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली है। चांदी ने आज, यानी 6 जनवरी को अपना अब तक का सबसे उच्चतम स्तर (All Time High) छू लिया है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत में 7,725 रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस उछाल के बाद चांदी का भाव 2,44,788 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे पहले इसका भाव 2,37,063 रुपये प्रति किलो था।

बाजार में केवल चांदी ही नहीं, बल्कि सोने की चमक भी बढ़ी है। 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 741 रुपये चढ़कर 1,36,909 रुपये पर पहुंच गया है। इससे पहले यह 1,36,168 रुपये पर था। गौर करने वाली बात यह है कि सोना इससे पहले 29 दिसंबर 2025 को 1,38,161 रुपये के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका था।

2025 में निवेशकों को मिला बंपर रिटर्न

बीता साल यानी 2025 सोने और चांदी के निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल सोने की कीमत में 57,033 रुपये यानी करीब 75% की बढ़ोतरी हुई। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना 76,162 रुपये का था, जो 31 दिसंबर 2025 को बढ़कर 1,33,195 रुपये हो गया।

चांदी ने तो रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया। साल 2025 में चांदी की कीमतों में 167% का जबरदस्त उछाल आया। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपये की थी, जो साल के अंत तक 2,30,420 रुपये प्रति किलो हो गई। इस दौरान चांदी के भाव में 1,44,403 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

चांदी में तेजी के पीछे की वजह

चांदी की कीमतों में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:

इंडस्ट्रियल डिमांड: चांदी का इस्तेमाल अब सिर्फ जेवर बनाने तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) में इसका भारी उपयोग हो रहा है। इसे अब एक जरूरी कच्चे माल के रूप में देखा जा रहा है।

ग्लोबल सप्लाई का संकट: अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और टैरिफ के डर से अमेरिकी कंपनियां चांदी का बड़ा स्टॉक जमा कर रही हैं। इससे ग्लोबल मार्केट में सप्लाई कम हो गई है और दाम बढ़ रहे हैं।

मैन्युफैक्चरर्स की होड़: उत्पादन रुकने के डर से मैन्युफैक्चरर्स पहले से ही चांदी खरीदकर रख रहे हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि यह होड़ आने वाले महीनों में भी कीमतों को ऊपर रखेगी।

सोना क्यों हो रहा है महंगा?

सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के भी कुछ ठोस कारण हैं। अमेरिका द्वारा ब्याज दरें घटाने से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई और खरीदारी बढ़ी है। इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य जियोपॉलिटिकल तनावों के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को चुन रहे हैं। साथ ही, चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व में लगातार सोना बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग को समर्थन मिल रहा है।

अभी और बढ़ सकते हैं दाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी अभी रुकने वाली नहीं है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, चांदी की औद्योगिक मांग अभी और बढ़ने वाली है।

“चांदी की डिमांड में अभी तेजी है जिसके आगे भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में चांदी इस साल 2.75 लाख रुपये प्रति किलो तक जा सकती है। वहीं सोने की मांग भी मजबूत है, जिससे यह साल के आखिर तक 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है।” — अजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया एडवाइजरी