मंगलवार को 12,500 रुपये से ज्यादा की तेज उछाल और बुधवार को नया ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद चांदी की चाल ने निवेशकों को चौंका दिया। दिन की शुरुआत भले ही मजबूत रही हो, लेकिन कुछ ही घंटों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। देश के वायदा बाजार में रिकॉर्ड स्तर से फिसलकर चांदी करीब 8,000 रुपये तक टूट चुकी है। इस तेज गिरावट का असर सिर्फ एमसीएक्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सिल्वर ईटीएफ और शेयर बाजार में भी इसका दबाव साफ नजर आया।
MCX पर चांदी के वायदा भाव में भारी टूट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और कीमत 2,51,729 रुपये प्रति किलो पर आ गई। जबकि दिन की शुरुआत में यही भाव 2,59,692 रुपये प्रति किलो के नए लाइफ-टाइम हाई तक पहुंचे थे। मई एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट में भी 2.5 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली और भाव फिसलकर 2,58,566 रुपये प्रति किलो रह गया। जुलाई एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और कीमत 2,65,028 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। कुल मिलाकर, शुरुआती ऊंचाई से वायदा भाव लगभग 8,000 रुपये प्रति किलो तक टूट गए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। कॉमेक्स मार्केट में स्पॉट सिल्वर करीब 3.5 फीसदी टूटकर 78.43 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। यह स्तर 29 दिसंबर को बने 83.62 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे है। जानकारों के मुताबिक, हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली और मजबूत डॉलर ने चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा, इस सप्ताह आने वाले अहम अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता भी कीमतों में गिरावट की एक वजह मानी जा रही है।
सिल्वर ETF की चमक भी हुई फीकी
चांदी में आई गिरावट का असर सिल्वर ईटीएफ पर भी साफ दिखाई दिया। 360 वन सिल्वर ईटीएफ में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं एक्सिस सिल्वर ईटीएफ, टाटा सिल्वर ईटीएफ, एसबीआई सिल्वर ईटीएफ और एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ में दिन की शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। निप्पॉन इंडिया, यूटीआई, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, मोतीलाल ओसवाल, जेरोधा समेत अन्य सिल्वर ईटीएफ में भी 0.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
हिंदुस्तान जिंक के शेयरों पर भी असर
चांदी की कीमतों में गिरावट का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में बुधवार को करीब 2 फीसदी की गिरावट आई और शेयर 630.25 रुपये के आसपास दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ। हालांकि पिछले पांच दिनों में शेयर करीब 3 फीसदी और एक महीने में 29 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। बीते छह महीनों में इसमें लगभग 45 फीसदी का उछाल देखा गया था। 29 दिसंबर को शेयर 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, लेकिन उसके बाद से अब तक इसमें करीब 4 फीसदी की कमजोरी आ चुकी है।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति क्या हो?
आईएनवीएसेट पीएमएस के बिजनेस हेड हर्षल दासानी के मुताबिक, 2026 को ध्यान में रखते हुए चांदी का मध्यम अवधि का आउटलुक अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे सेक्टर्स से इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है, जबकि सप्लाई की कमी कई वर्षों से बाजार में बनी हुई है। हालांकि 2025 में चांदी तेजी से बढ़कर एक मोमेंटम ट्रेड बन गई थी, इसलिए भावनाओं में बदलाव आते ही मुनाफावसूली और लीवरेज्ड पोजिशन अनवाइंड होने से तेज करेक्शन देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतों की दिशा अमेरिकी डॉलर और वास्तविक ब्याज दरों से प्रभावित होती रहेगी, ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी की बजाय संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए।