सिंगर कैलाश खेर के बिगड़े बोल – 45 लाख लेकर भी आयोजकों को कह दिया ‘कंजूस’ और ‘अयोग्य’

Mandsaur News : मध्य प्रदेश के मंदसौर में आयोजित ऐतिहासिक पशुपतिनाथ महादेव मेले में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर का एक कार्यक्रम बड़े विवाद में घिर गया है।

आरोप है कि गुरुवार रात हुए इस कार्यक्रम के लिए करीब 45 लाख रुपये लेने के बावजूद खेर ने मंच से आयोजक नगर पालिका को ही ‘गरीब’ और ‘कंजूस’ कह दिया।

इतना ही नहीं, उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों को ‘अयोग्य’ बताते हुए कई जनप्रतिनिधियों का सार्वजनिक रूप से मजाक भी उड़ाया। इस घटना के बाद भाजपा पार्षदों ने ही मोर्चा खोल दिया है और गायक का भुगतान रोकने की मांग तेज हो गई है।

मंच से भजन कम, टिप्पणियां ज्यादा

जानकारी के अनुसार, कैलाश खेर ने मंच पर आने के बाद कुछ ही भजन गाए थे और इसके बाद वे बीच-बीच में टिप्पणियां करने लगे। उन्होंने कथित तौर पर आयोजकों के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए नगर पालिका को कई बार गरीब और कंजूस कहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, उन्होंने जिले के कुछ जनप्रतिनिधियों के उपनाम और पद का जिक्र कर भी उनका मजाक बनाया, जिससे वहां मौजूद लोग असहज हो गए।

भाजपा पार्षदों ने खोला मोर्चा, भुगतान रोकने की मांग

कैलाश खेर की इन टिप्पणियों से नाराज मेला समिति की सदस्य और पार्षद प्रमिला गोयल ने शुक्रवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को एक आवेदन सौंपा।

आवेदन में कहा गया है कि खेर की हरकतों से न सिर्फ नेताओं की, बल्कि भगवान पशुपतिनाथ मेले की प्रतिष्ठा भी धूमिल हुई है। उन्होंने मांग की कि कलाकार का भुगतान तत्काल रोका जाए, ताकि भविष्य में कोई अन्य कलाकार इस तरह का व्यवहार न कर सके।

वहीं, मजदूर कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष करण सिंह परिहार ने भी सीएमओ अनिता चकोटिया को आवेदन देकर कैलाश खेर का भुगतान रोकने की मांग की है। उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई के लिए नई आबादी थाने में भी एक आवेदन दिया है।

सोशल मीडिया पर भी गरमाया मामला

यह विवाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल गया है। भाजपा पार्षद सुनीता गुजेरिया ने Facebook पर लिखा, ‘कार्यक्रम का सफल आयोजन, लेकिन मंच से बेइज्जती क्यों।’

वहीं, पार्षद पति जयप्रकाश पमनानी ने लिखा, ‘जो कलाकार अपनी प्रतिभा के नशे में मेरी पार्टी के जनप्रतिनिधियों पर सार्वजनिक टिप्पणी करे, उसकी आलोचना होनी चाहिए।’

इन पोस्ट्स पर लोग जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और गायक के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।