इंदौर जिले में भू-राजस्व व डायवर्सन वसूली के लिए विशेष अभियान, बकायादारों पर कुर्की की होगी कार्रवाई

इंदौर जिले में भू-राजस्व और डायवर्सन शुल्क की वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बकाया राशि जमा नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ कुर्की सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य राजस्व वसूली को तेज करना और लंबित बकायों का शीघ्र निपटारा करना है।

कलेक्टर कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक

इस संबंध में आज कलेक्टर कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि सभी बकायादारों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व वसूली में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समेकित डेटा से बड़े बकायादारों की पहचान

एसडीएम कल्याणी पांडे ने जानकारी दी कि कलेक्टर के निर्देश पर सभी तहसीलों के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों के साथ बैठक कर भू-राजस्व वसूली की विस्तृत समीक्षा की गई है। कॉलोनी सेल, नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के फ्री-होल्ड पट्टे, खनिज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों का समेकित डेटा तैयार कर सभी तहसीलों को उपलब्ध कराया गया है, जिससे बड़े बकायादारों को चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

WEBGIS और उपग्रह छवियों से होगी जांच

प्रशासन ने WEBGIS पर उपलब्ध संभावित परिवर्तित सर्वे नंबरों के सत्यापन के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा उपग्रह छवियों के माध्यम से ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है, जहां भूमि उपयोग परिवर्तित हो चुका है लेकिन डायवर्सन की अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे सभी प्रकरणों को शीघ्र तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

डायवर्सन वसूली की साप्ताहिक समीक्षा

प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख कल्याणी पांडे ने बताया कि डायवर्सन मांग और वसूली की समीक्षा के लिए जिले के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और राजस्व निरीक्षकों की बैठक आयोजित की गई। प्रत्येक तहसील के लिए साप्ताहिक डायवर्सन वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नियमित समीक्षा कर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि वसूली कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन ने राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता देते हुए डायवर्सन से जुड़े सभी लंबित और नए प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर शासन को अधिकतम राजस्व दिलाने पर विशेष जोर दिया है।