आत्मनिर्भर इंदौर की ओर कदम: खाली प्लॉटों पर लगेंगे निगम की संपत्ति के बोर्ड, महापौर ने दिए राजस्व वसूली तेज करने के निर्देश

Indore News: नगर पालिक निगम इंदौर को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कमर कस ली है।
सिटी बस ऑफिस में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में महापौर ने वित्तीय वर्ष 2025–26 की राजस्व वसूली और आगामी 14 मार्च को होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान, अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव सहित सभी जोन के सहायक राजस्व अधिकारी और बिल कलेक्टर उपस्थित रहे।
खाली प्लॉटों पर बोर्ड और बड़े बकायादारों पर सख्ती
बैठक के दौरान महापौर ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि शहर के ऐसे खाली प्लॉट, जिन पर लंबे समय से संपत्तिकर या अन्य राजस्व बकाया है, उन पर ‘नगर निगम की संपत्ति’ होने का सूचना बोर्ड लगाया जाए। यह कदम बकायादारों को अंतिम चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, महापौर ने होटल, हॉस्टल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप और बड़े कमर्शियल संस्थानों से लगातार संपर्क साधकर बकाया राशि वसूलने के स्पष्ट आदेश दिए।
लोक अदालत: सरचार्ज में छूट का उठाएं लाभ
महापौर भार्गव ने कहा कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत इस वित्तीय वर्ष का अंतिम अवसर है, जहाँ करदाता अपने बकाया करों पर शासन द्वारा दी जा रही सरचार्ज (अधिभार) में छूट का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस बार का राजस्व संग्रह पिछली लोक अदालत के मुकाबले कहीं अधिक होना चाहिए।

“नगर निगम का उद्देश्य केवल कर वसूलना नहीं है, बल्कि करदाताओं को सहयोग और सुविधा प्रदान करना भी है। लोक अदालत नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत है।” – महापौर पुष्यमित्र भार्गव

नामांतरण में देरी पर होगी कार्रवाई
राजस्व वसूली के साथ-साथ महापौर ने लंबित संपत्ति नामांतरण (Mutation) के प्रकरणों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नामांतरण की प्रक्रिया को समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। विशेष रूप से जो मामले 30 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उनकी बारीकी से जांच की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
‘आत्मनिर्भर निगम’ का संकल्प
प्रदेश शासन की ‘आत्मनिर्भर नगर निगम’ की अवधारणा को दोहराते हुए महापौर ने कहा कि इंदौर को विकास के पथ पर अग्रसर रखने के लिए समय पर राजस्व प्राप्ति अनिवार्य है। उन्होंने झोनवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए सहायक राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च तक हर हाल में निर्धारित टारगेट को पूरा किया जाए।
करदाताओं से विशेष अपील
महापौर ने शहरवासियों से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि इंदौर के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि वे वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों का इंतज़ार न करें और लोक अदालत के माध्यम से छूट का लाभ लेते हुए अपने करों का भुगतान करें।
बैठक के मुख्य बिंदु:
  • 31 मार्च तक शत-प्रतिशत राजस्व वसूली का लक्ष्य।
  • बड़े बकायादारों पर निगरानी और संपत्तियों की कुर्की की चेतावनी।
  • नामांतरण प्रकरणों का निराकरण अब समय-सीमा में अनिवार्य।
  • राजस्व वसूली की गति बढ़ाने के लिए झोनवार मॉनिटरिंग।