शेयर बाजार में ‘ब्लैक मंडे’: सेंसेक्स 1700 अंक टूटा, निफ्टी में 600 अंक फिसला; ईरान जंग और कच्चे तेल ने बिगाड़ा खेल

Mumbai News: वैश्विक स्तर पर गहराते युद्ध के संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। सोमवार, 23 मार्च को बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए। सेंसेक्स करीब 1,700 अंक (2.40%) की भारी गिरावट के साथ 72,900 के स्तर पर आ गया है, वहीं निफ्टी भी 600 अंक (2.50%) फिसलकर 22,550 के करीब कारोबार कर रहा है।
बाजार में कोहराम की 3 बड़ी वजहें
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जिम्मेदार हैं:
  1. ईरान-इजराइल जंग: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे अनिश्चितता का माहौल है।
  2. कच्चे तेल की मार: ब्रेंट क्रूड के दाम उछलकर 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गए हैं। भारतीय बास्केट के लिए कीमतें 156 डॉलर के खतरनाक स्तर को छू रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है।
  3. रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 93.86 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।
बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में सबसे ज्यादा मार
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा बिकवाली बैंकिंग, ऑटो, मेटल और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर में देखी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अकेले मार्च महीने में अब तक ₹86,780 करोड़ की निकासी की है, जो बाजार पर भारी दबाव बना रहा है। हालाकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की है, लेकिन वैश्विक दबाव के आगे यह नाकाफी साबित हो रहा है।
वैश्विक बाजारों का हाल (एशियाई और अमेरिकी बाजार)
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में लाल निशान हावी है:
  • एशिया: जापान का निक्केई 3.35% और साउथ कोरिया का कोस्पी 5.62% तक टूट चुका है। चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी भारी गिरावट है।
  • अमेरिका: पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोन्स और नैस्डैक भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर आज भारतीय बाजार पर साफ दिख रहा है।

बाजार की स्थिति: शुक्रवार को सेंसेक्स 74,532 पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार की सुबह ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जानकार अब अगले कुछ दिनों तक बाजार में इसी तरह के उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं।