शेयर मार्केट में कोहराम: सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर 81,124 के निचले स्तर पर, निफ्टी भी 200 अंक फिसला

भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 21 जनवरी को भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 81,124 के निचले स्तर पर पहुंच गया।
हालाकि, निचले स्तरों से थोड़ी रिकवरी के बाद अभी यह 600 अंक (0.72%) से ज्यादा गिरकर 81,600 के आसपास कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर, निफ्टी में भी करीब 200 अंक (0.80%) की कमजोरी आई है और यह 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर संघर्ष कर रहा है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि केवल 5 में मामूली बढ़त है। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हावी है। गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में बाजार 2,000 से ज्यादा पॉइंट टूट चुका है। इससे पहले कल (20 जनवरी) भी सेंसेक्स में 1,065 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
गिरावट के 4 प्रमुख कारण
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में मचे इस हड़कंप के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों कारक जिम्मेदार हैं। मुख्य रूप से चार वजहों ने बाजार का मूड बिगाड़ा है:
1. ट्रेड वॉर और भू-राजनीतिक तनाव: बाजार में अनिश्चितता का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक नीति है। ट्रम्प ग्रीनलैंड के संसाधनों पर नियंत्रण के लिए उसे अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं, जिसका यूरोपीय देश कड़ा विरोध कर रहे हैं। ट्रम्प ने विरोध करने वाले यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इस तनाव को देखते हुए यूरोपीय संघ (EU) के नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में इमरजेंसी समिट करने वाले हैं, जिससे ग्लोबल ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ गया है।
2. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला: 20 जनवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रम्प की नई आयात शुल्क नीतियों पर सुनवाई हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट का रुख ट्रम्प प्रशासन को कड़े व्यापारिक फैसले लेने की छूट देने वाला लग रहा है। इस आशंका ने भारत के आईटी और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट ओरिएंटेड सेक्टर्स को डरा दिया है, क्योंकि इनकी बड़ी कमाई अमेरिका से होती है। यही वजह है कि आज इन सेक्टर्स में भारी बिकवाली है।
3. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर (ऑल-टाइम लो) 91.10 पर ट्रेड कर रही है। रुपए की कमजोरी से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का डॉलर में रिटर्न घट जाता है, जिससे वे पैसा निकाल रहे हैं। एनएसडीएल (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई जनवरी में अब तक 29,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी कर चुके हैं।
4. दिग्गज कंपनियों के कमजोर नतीजे: तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजों का सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और प्रमुख निजी बैंकों के नतीजे कमजोर रहे हैं। ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते इन कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव पड़ा है, जिसने इंडेक्स को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई है।
ग्लोबल मार्केट का हाल
एशियाई बाजारों में भी सुस्ती का माहौल है। कोरिया का कोस्पी 0.26% और जापान का निक्केई 0.56% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालाकि, चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त पर है।
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो 20 जनवरी को डाउ जोन्स 1.76%, नैस्डेक 2.39% और एसएंडपी 500 इंडेक्स 2.06% गिरकर बंद हुए थे।
शैडोफैक्स आईपीओ अपडेट
बाजार में गिरावट के बीच शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के आईपीओ (IPO) का आज दूसरा दिन है। यह इश्यू 22 जनवरी तक खुला रहेगा। कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया है। खुदरा निवेशक न्यूनतम 120 शेयरों के लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए कम से कम 14,880 रुपये का निवेश करना होगा।