News Delhi: केंद्रीय बजट 2025 पेश होने के एक दिन बाद सोमवार को शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 200 अंक की बढ़त के साथ 81,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी 50 अंक चढ़कर 24,900 के पार पहुंच गया।
बाजार में यह तेजी शुक्रवार की भारी गिरावट के बाद आई है। 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद सेंसेक्स 1546 अंक यानी करीब 2 फीसदी टूटकर 80,722 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 495 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी।
सेक्टर वाइज प्रदर्शन
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 में तेजी दर्ज की जा रही है। केवल 9 शेयरों में गिरावट है। मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में निवेशक खरीदारी कर रहे हैं।
हालांकि ऑटो, IT और FMCG सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। निवेशक इन सेक्टर्स से मुनाफावसूली कर रहे हैं।
बजट में STT बढ़ने से गिरा था बाजार
शुक्रवार को बाजार में आई तेज गिरावट की मुख्य वजह सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी रही। सरकार ने बजट में कई अहम बदलाव किए।
फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर टैक्स: फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले STT को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया। जब कोई निवेशक किसी शेयर या इंडेक्स का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट बेचता है तो उसकी पूरी वैल्यू पर यह टैक्स लगता है।
ऑप्शंस प्रीमियम पर टैक्स: ऑप्शन खरीदने या बेचने पर चुकाए जाने वाले प्रीमियम पर टैक्स 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी किया गया।
ऑप्शंस एक्सरसाइज पर टैक्स: अगर कोई ऑप्शन एक्सपायरी तक रखा जाए और वह फायदे में रहे तो सेटलमेंट पर लगने वाला टैक्स 0.125 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया।
क्या है सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स
STT एक तरह का डायरेक्ट टैक्स है। यह शेयर बाजार में होने वाली हर खरीद-बिक्री पर लगता है। चाहे निवेशक को मुनाफा हो या घाटा, यह टैक्स देना अनिवार्य है।
यह टैक्स सीधे ट्रांजैक्शन वैल्यू से कटता है। स्टॉक एक्सचेंज इसे इकट्ठा करके सरकार के पास जमा करता है। टैक्स दरें बढ़ने से अब ट्रेडर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करना होगा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1 फरवरी को 588 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी 682 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इस दौरान DIIs ने बाजार को संभालते हुए 79,620 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी दबाव
वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का माहौल है। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.26 फीसदी गिरकर 53,186 पर कारोबार कर रहा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 4.33 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 4,998 पर है।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 2.33 फीसदी टूटकर 26,748 पर ट्रेड कर रहा है। चीन का शंघाई कंपोजिट भी 1.32 फीसदी गिरकर 4,063 पर आ गया।
अमेरिकी बाजारों में भी 30 जनवरी को गिरावट रही। डाउ जोंस 0.36 फीसदी और नैस्डैक 0.94 फीसदी गिरकर बंद हुआ था।
आगे क्या होगा
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि STT बढ़ने का असर शॉर्ट टर्म में ट्रेडर्स पर पड़ेगा। हालांकि लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय नहीं है।
आने वाले दिनों में बाजार की चाल वैश्विक संकेतों और कॉर्पोरेट नतीजों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सतर्क रहकर अपने पोर्टफोलियो पर नजर रखनी चाहिए।