दूषित जल से बचाव के लिए नई बोरिंग पर सख्ती, हर दिन होगी पानी की टेस्टिंग

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी के मामले के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश शासन ने भोपाल से एसीएस नीरज मंडलोई और अनुपम राजन को विशेष रूप से भेजा, जिन्होंने भागीरथपुरा का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद 10 जनवरी, शनिवार को कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर और भागीरथपुरा क्षेत्र की जल और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के कई अहम निर्णय लिए गए।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का दौरा

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 9 जनवरी को स्वयं भागीरथपुरा का दौरा किया। इसके बाद 10 जनवरी को एसीएस मंडलोई और राजन के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पार्षद कमल वाघेला, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और अन्य अधिकारी भी क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। दौरे का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र में हालात और पानी की आपूर्ति की स्थिति का जायजा लेना था।

रेसीडेंसी में बैठक और उपस्थित अधिकारी

दौरे के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में रेसीडेंसी में बैठक हुई। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर, विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त सुदाम पी खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य फोकस भागीरथपुरा की जल और स्वास्थ्य व्यवस्था पर था।

बैठक में लिए गए अहम निर्णय

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक के बाद बताया कि शहर की 105 पानी की टंकियों पर रोजाना पानी की जांच की जाएगी। बोटिंग में दूषित पानी आने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर को नई बोरिंग पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया। नगर निगम को आवश्यक स्टाफ की भर्ती करने या आउटसोर्सिंग के जरिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

भागीरथपुरा में लगभग 30 प्रतिशत पाइपलाइन डाल दी गई है, शेष पाइपलाइन में कार्य लगभग डेढ़ माह में पूरा होगा। वर्तमान में पानी की टेस्टिंग की जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि पानी उबालकर पीएं और बोरिंग के पानी का सेवन न करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार घर-घर जाकर मेडिकल जांच कर रही है, जिससे किसी भी संभावित समस्या का तुरंत उपचार किया जा सके।

नर्मदा जल आपूर्ति और टैंकर सुविधा

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि दो दिन लगातार क्षेत्र का दौरा किया गया। कुछ ही दिनों में नर्मदा जल की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। शेष कार्य डेढ़ माह में पूरा किया जाएगा। तब तक शुद्ध जल टैंकरों के माध्यम से नागरिकों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों की व्यक्तिगत मेडिकल जांच शुरू की जा रही है और पूरे शहर में जल संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

विपक्ष के आरोपों पर मंत्री का जवाब

कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगाए गए आरोपों पर मंत्री ने कहा कि प्रशासन ने पहले दिन से ही घटना की नैतिक जिम्मेदारी ली है। प्राथमिकता यह है कि हालात सामान्य हों और प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध हो। मंत्री ने कहा कि विपक्ष जन सहभागिता और सफाईकर्मियों की मेहनत पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन लगातार काम में लगा हुआ है।

अधिकारियों की समीक्षा और भविष्य की तैयारियां

एसीएस अनुपम राजन ने बताया कि भागीरथपुरा में हालात तेजी से सुधर रहे हैं। पूरे अमले को सक्रिय रखा गया है और नई पाइपलाइन डाली जा रही है। बोरिंग और मैनलाइन में सामने आई कमियों को तुरंत ठीक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे राज्य में मुख्यमंत्री द्वारा शुद्ध पेयजल अभियान शुरू किया गया है, जो नियमित निगरानी और जल आपूर्ति सुधार के लिए लागू होगा।