भोपाल में टैक्स बम का धमाका, नगर निगम ने पानी और प्रॉपर्टी टैक्स में की इतनी बढ़ोतरी

भोपाल नगर निगम का सालाना बजट इस बार एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 3,611 करोड़ रुपये का पेश किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 300 करोड़ रुपये ज्यादा है।

यह बजट भोपाल के विकास को और गति देने के लिए तैयार किया गया है, और इसमें कई अहम प्रावधान शामिल हैं, जो शहरवासियों की जीवनशैली को बेहतर बनाने के साथ-साथ शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रावधानों पर एक नज़र डालें:

प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य शुल्कों में वृद्धि:

इस बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत और पानी व ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। इससे भोपाल के करीब पौने तीन लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित होंगे।

महापौर स्मार्ट पास:

छात्रों के लिए महापौर स्मार्ट पास की शुरुआत की जाएगी। यह योजना सिटी बस सेवाओं को और सुगम बनाएगी, जिससे छात्रों को शहर में यात्रा में आसानी होगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना:

इस बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गरीबों के लिए स्वच्छ और सस्ते घर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

हेरिटेज प्रवेश द्वार और अन्य सांस्कृतिक योजनाएं:

भोपाल की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान हेरिटेज प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए किया गया है। साथ ही, गीता भवन के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

तालाबों का संरक्षण और संवर्धन:

शहर के ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण और सुधार के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, ताकि इन तालाबों को संरक्षित किया जा सके और उनकी सुंदरता बनी रहे।

नाला-नालियों का निर्माण और पानी निकासी:

पानी की निकासी के लिए नाला-नालियों के निर्माण पर जोर दिया गया है। इसके लिए 11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, और साथ ही एनडीआरएफ के तहत नाले-नालियों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है।

सड़क सुधार और सौंदर्यकरण:

भोपाल की सड़कों के सुधार और सौंदर्यकरण के लिए बजट में 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि शहर की सड़कों की गुणवत्ता में सुधार हो सके। साथ ही, मुख्य मार्गों के सौंदर्यकरण के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

शालाओं के निर्माण और विकास:

बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शालाओं के निर्माण और उनके विकास कार्यों के लिए 30 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इस कदम से शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

नगर निगम कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन:

नगर निगम के कर्मचारियों के बच्चों को जिन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा में मेरिट से सफलता प्राप्त की है, उन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।