TCS का बड़ा फैसला: अब किसी की नहीं जाएगी नौकरी; 1 अप्रैल से लागू होगा पुराना ‘सैलरी हाइक’ चक्र 

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने लाखों कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। पिछले कुछ समय से छंटनी और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अब छंटनी का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही, कंपनी अपने पुराने ‘स्टैंडर्ड इंक्रीमेंट साइकिल’ पर वापस लौट रही है, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन वृद्धि (Salary Hike) का लाभ मिल सकेगा।
1 अप्रैल से शुरू होगा इंक्रीमेंट का दौर
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, टीसीएस का स्टैंडर्ड इंक्रीमेंट चक्र हर साल 1 अप्रैल से शुरू होता है। पिछले साल इसमें देरी हुई थी, जिससे कर्मचारियों में काफी अनिश्चितता थी। अब कंपनी अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है, जिसका अर्थ है कि कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सैलरी हाइक का गणित:
  • टॉप परफॉर्मर्स: बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को डबल डिजिट (10% से ज्यादा) की वृद्धि मिल सकती है।
  • औसत वृद्धि: ज्यादातर कर्मचारियों के लिए ग्रेड और रेटिंग के आधार पर यह वृद्धि 4.5% से 7% के बीच रहने की उम्मीद है।
छंटनी के डर से मुक्ति और शानदार रिकवरी
जुलाई 2025 में टीसीएस ने अपने वैश्विक कार्यबल के 2% (लगभग 12,261 कर्मचारियों) की छंटनी का ऐलान किया था, जिससे आईटी सेक्टर में हड़कंप मच गया था। कंपनी ने तब इसका कारण एआई (AI) तकनीकों के अनुरूप रिस्ट्रक्चरिंग बताया था।
कैसे बदली स्थिति? कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन ने बताया कि मजबूत वित्तीय नतीजों और बढ़ती डिमांड ने कंपनी का आत्मविश्वास बढ़ाया है।
  • मुनाफा: चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी ने 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जो पिछले साल से 12.2% ज्यादा है।
  • रेवेन्यू: राजस्व 9.6% बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
  • नए कॉन्ट्रैक्ट्स: कंपनी ने हाल ही में 12 बिलियन डॉलर के नए मेगा सौदे हासिल किए हैं, जिससे भविष्य की राह आसान हो गई है।
नासिक यूनिट में विवाद और कड़ी कार्रवाई
एक तरफ वित्तीय मोर्चे पर अच्छी खबर है, तो दूसरी तरफ नासिक स्थित टीसीएस की बीपीओ यूनिट में गंभीर विवाद सामने आया है। यहाँ महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के सनसनीखेज खुलासे के बाद कंपनी की छवि पर सवाल उठे हैं।
नासिक पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 FIR दर्ज की हैं। जांच के दौरान मास्टरमाइंड के रूप में तौसिफ अत्तार और निदा खान का नाम सामने आया है, जिन्हें कंपनी पहले ही सस्पेंड कर चुकी है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को सजा मिल सके।
निष्कर्ष: टीसीएस के इस फैसले ने कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी और वित्तीय स्थिरता की गारंटी दी है, जो बाजार में कंपनी की पकड़ को और मजबूत करेगा।