ठाकुरद्वारा मंदिर पर ग्रेनेड फेंकने वाला आतंकवादी मुठभेड़ में ढेर

अमृतसर के राजासांसी इलाके में आज पुलिस और आतंकवादी आरोपियों के बीच मुठभेड़ का एक दिलचस्प और खौ़फनाक दृश्य देखने को मिला। यह मुठभेड़ पंजाब के अमृतसर स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर पर हुए हालिया ग्रेनेड हमले के मुख्य आरोपी गुरसिदक और विशाल को पकड़ने के लिए की गई थी। गुरसिदक, जो इस हमले का मुख्य आरोपी था, पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के सामने उसकी किस्मत ने उसे धोखा दे दिया।

खुफिया जानकारी पर हुई कार्रवाई

पुलिस को विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी राजासांसी इलाके में छिपे हुए हैं। इस पर सीआईए और छेहरटा पुलिस की एक टीम ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही दो संदिग्ध बाइक पर आते हुए दिखे, पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। लेकिन इन आरोपियों ने न केवल बाइक छोड़ दी, बल्कि पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग भी शुरू कर दी। एक गोली कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह के सिर पर लगी, जबकि दूसरी गोली इंस्पेक्टर अमोलक सिंह की पगड़ी को छूते हुए निकल गई। तीसरी गोली पुलिस की गाड़ी पर लगकर चहलकदमी कर रही थी।

एक आरोपी भागने में हुआ सफल

इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे गुरसिदक घायल हो गया। बाकी आरोपी विशाल मौके से भागने में सफल रहा, जबकि इस मुठभेड़ में आरोपी गुरसिदक की मौत हुई, और पुलिस अब विशाल की तलाश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन बिहार से गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपियों के बाद और भी सख्त हो गया था, जिन्होंने इस हमले में शामिल होने का खुलासा किया था। पुलिस ने अब इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, और बाकी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।