थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, सेंसर बोर्ड से नहीं मिला सर्टिफिकेट

Delhi News : साउथ सुपरस्टार थलापति विजय के फैंस के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आई है। विजय की बहुप्रतीक्षित और संभवतः उनके अभिनय करियर की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ कानूनी अड़चनों में बुरी तरह फंस गई है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के मेकर्स द्वारा दायर की गई उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से तत्काल मंजूरी दिलाने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

15 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑनस्टीन जॉर्ज महीस की बेंच ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह मामला पहले से ही मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के विचाराधीन है, इसलिए शीर्ष अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। कोर्ट ने मेकर्स को सलाह दी कि वे अपनी बात हाई कोर्ट के समक्ष ही रखें और वहीं से त्वरित फैसले की उम्मीद करें।

आखिर क्यों रुकी है फिल्म की रिलीज?

‘जन नायकन’ को पहले 9 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देनी थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) की ओर से प्रमाण पत्र न मिल पाने के कारण फिल्म की रिलीज टल गई। मामला तब और पेचीदा हो गया जब मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी।

इसी रोक को हटाने और फिल्म को हरी झंडी दिखाने के लिए मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।

अब सबकी नजरें 20 जनवरी पर

फिल्म का भविष्य अब पूरी तरह से 20 जनवरी को होने वाली मद्रास हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिका है। यदि डिवीजन बेंच फिल्म के पक्ष में फैसला सुनाती है, तभी इसकी रिलीज का रास्ता साफ हो पाएगा।

विजय की आखिरी फिल्म और राजनीतिक सफर

यह फिल्म थलापति विजय के लिए बेहद खास है क्योंकि उन्होंने घोषणा की है कि इसके बाद वह अभिनय छोड़कर पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हो जाएंगे। उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) का आगाज कर दिया है।

फैंस अपनी चहेते स्टार को आखिरी बार बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेताब हैं, लेकिन कानूनी पेच ने फिलहाल उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रखा है।