मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 19 दिनों तक चलेगा, अधिसूचना जारी, इस दिन से होगी शुरुआत

मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। मोहन यादव सरकार के कार्यकाल का यह तीसरा बजट सत्र होगा, जिसे लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह सत्र कुल 19 दिनों तक चलेगा, जिसकी शुरुआत 16 फरवरी से होगी और समापन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा। हालांकि, इस अवधि के बीच पांच दिन अवकाश भी रहेंगे, वहीं पूरे सत्र में कुल 12 बैठकें प्रस्तावित की गई हैं।

इस बार बजट पेश करने की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के कंधों पर होगी। वे विधानसभा में सरकार का तीसरा मुख्य बजट प्रस्तुत करेंगे। इस बजट को लेकर किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों और नौकरीपेशा लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ी हुई हैं। बीते वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में सरकार ने करीब 4.21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। माना जा रहा है कि इस बार सरकार महंगाई से राहत देने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती है।

बजट सत्र के दौरान अवकाश की भी स्पष्ट रूपरेखा तय कर दी गई है। फरवरी महीने में 21, 22 और 28 तारीख को सदन की कार्यवाही नहीं होगी। वहीं मार्च में होली के पर्व को देखते हुए 1 और 3 मार्च को भी अवकाश घोषित किया गया है। इन छुट्टियों के बावजूद सत्र के दौरान अहम विधायी और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

यह सत्र सोलहवीं विधानसभा का नौवां सत्र होगा और इसकी शुरुआत परंपरागत रूप से राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगू भाई पटेल विधानसभा पहुंचेंगे और अपने अभिभाषण में सरकार की अब तक की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी नीतिगत प्राथमिकताओं को सदन के सामने रखेंगे। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की जाएगी, जिसमें विपक्ष सरकार से सवाल भी करेगा।

विधानसभा सचिवालय ने सत्र से जुड़ी प्रक्रिया और समय-सीमा भी तय कर दी है। अशासकीय विधेयकों की सूचनाएं 4 फरवरी 2026 तक और अशासकीय संकल्पों की सूचनाएं 5 फरवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। वहीं, स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण और नियम 267-क के तहत सूचनाएं 10 फरवरी 2026 से ली जाएंगी। इसके लिए विधानसभा कार्यालय सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक खुला रहेगा।

कुल मिलाकर, यह बजट सत्र न सिर्फ सरकार के लिए अहम होगा, बल्कि आम जनता, किसानों और मध्यमवर्ग की उम्मीदों की कसौटी भी बनेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मोहन सरकार अपने तीसरे बजट में प्रदेश को क्या नई सौगातें देती है।